देहरादून से अनीता आशीष तिवारी की रिपोर्ट

Yashpal Arya Letter प्रदेश के नेता विपक्ष और कांग्रेस पार्टी के मौजूदा कद्दावर नेता यशपाल आर्य ने बिगड़े मौसम और किसानों की मुसीबत पर एक खत सीएम धामी को लिखा है। जिसका लब्बोलुआब ये है कि किसानों न मुआवजा मिल रहा है और न ही बीमा भुगतान ऐसे में सरकार संवेदनशीलता दिखाए और मौसम की मार से कराह रहे किसान भाइयों को मदद दे।
Yashpal Arya Letter किसानों का उठाया यशपाल आर्य ने मुद्दा

Yashpal Arya Letter प्रदेश में भारी बारिश और तूफानी हवाओं के कारण पहाड़ से लेकर तराई और भावर तक तेज आंधी के साथ बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों-बागवानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। खड़ीफसलों पर भारी बारिश एवं ओलावृष्टि ने कहर ढहा दिया और खेतों में तैयार फसल उजड़ गई। फल व साग-सब्जी तहस-नहस हो चुकी है।

Yashpal Arya Letter दिग्गज यशपाल लिखते हैं कि एक कृषक पूरे वर्ष पर्यन्त चिंता और असुरक्षा के भाव में जीता हैं…कभी बारिश में तो कभी बारिश के अभाव में उसके आँखों के सामने नष्ट होती फसल के साथ उसके सपने चकनाचुर होने लगते हैं..कभी पालें से तो कभी अतिवृष्टि से…किसान चैन की नींद उसी दिन लेता है जब वो अपनी फ़सल को निकालकर घर में लें आता है…लेकिन अपना दुःख दर्द हर बार किसी को नहीं बताता….बस अपना मन समझाने में लग जाता हैं….

Yashpal Arya Letter आगे चिट्ठी में लिखते हैं कि इससे पहले भी लगातार किसान मौसम की मार झेलते आ रहे हैं। लेकिन कई सीजन से सरकार द्वारा उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। आलू उत्पादक किसानों को बीमा कम्पनीयां लगातार बीमा के नाम पर लूट रही है । किसानों के विगत वर्षों की बीमा राशि का ही भुगतान अभी तक नही हुआ है ।जबकि फसल बीमा योजना के नाम पर कंपनियां हजारों करोड़ का मुनाफा कमा रही हैं। मौसम के साथ किसानों को सरकार अनदेखी की मार भी झेलनी पड़ रही है।

Yashpal Arya Letter आखिर में वो कहते हैं कि किसान पहले से ही बुरी तरह त्रस्त है ऊपर से प्राकृतिक मार किसान की आर्थिक स्थिति को और बिगाड़ देगी जिसका सीधा असर उसके परिवार के पालन पोषण पर पड़ेगा और परिवारों को अनिश्चित भविष्य की गंभीर वास्तविकता का सामना करना पड़ेगा। यह राज्य सरकार के लिए करुणा और सहानुभूति के साथ आगे बढ़ने का समय है।
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