रिलेशनशिप में अक्सर पार्टनर को डर रहता है कि उनका पार्टनर कहीं किसी से इमोशनली जुड़ ना जाए. अगर आपका पार्टनर किसी और से इमोशनली जुड़ जाता है तो यह खतरे की घंटी का इशारा है. कई बार रिलेशनशिप में लोग खुद को मॉर्डन और कूल दिखाने के चक्कर में पार्टनर पर आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं. ऐसे में पार्टनर इमोशनल चीटिंग करते हैं.
इमोशनल चीटिंग में इंटीमेसी शामिल नहीं होती है लेकिन इसके बाद भी यह भी एक तरह की चीटिंग है. अक्सर लोग इस तरह की चीटिंग को नजर अंदाज कर देते हैं. कई बार पार्टनर इमोशनल चीटिंग के इन संकेतों को नरजर अंदाज कर देते हैं. आइए जानते हैं क्या है इमोशनल चीटिंग. जब पार्टनर शादी से बाहर किसी तीसरे इंसान के साथ इमोशनली जुड़ जाता है. इस दौरान वह तीसरे इंसान के साथ एक बॉन्ड बना लेता है. इस चीटिंग इंटीमेसी होना जरूरी नहीं है. बल्कि इस दौरान इंसान तीसरे इंसान के साथ अपने इमोशनल और राज को शेयर करते हैं. अपना पार्टनर के साथ शेयर करने की बजाय वह किसी दूसरे इंसान के साथ सीक्रेट्स शेयर करता है.
इमोशनल चीटिंग के संकेत
फोन का ज्यादा इस्तेमाल करना
पार्टनर के होते हुए भी फोन का ज्यादा इस्तेमाल करना.
फोन पर ज्यादा समय बिताना.
ऐसे में कई बार पार्टनर को पता नहीं चल पाता है कि वह किससे बात कर रहा है.
कई बार लोग इस संकेत को नजरअंदाज कर देते हैं.
दूरी महसूस होना
आपको महसूस होना कि कुछ समय से आपके पार्टनर के साथ आपकी दूरी ज्यादा देर तक बन गई है. इसका कारण हो सकता है कि आपका पार्टनर किसी दूसरे इंसान के ज्यादा नजदीक हो गया हो. वह कहीं और ज्यादा इमोशनली जुड़ गया है. दूरी महसूस होने का मतलब होता है कि आप अपने पार्टनर के इनर वर्ल्ड का हिस्सा नहीं हो.
कमियां गिनाना
अगर पार्टनर कुछ समय से आपकी कामियों पर ज्यादा ही फोकस कर रहा है. आपकी बार-बार बहस हो रही है तो इसका मतलब है कि आपकी तुलना वह इंसान किसी और से कर रहा है.
इमोशनल सपोर्ट के लिए बाहर जाना
अगर आपका पार्टनर परेशान होने पर आपके साथ बाते शेयर नहीं कर रहा है तो आपको इस संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर वह अपनी बातें किसी और से शेयर कर रही है तो इसका मतलब है कि वह आपको अपना इमोशनल स्पोर्ट नहीं मानता है.

