Gangrape Case उत्तराखण्ड की आपराधिक राजधानी के नाम से मशहूर राज्य के उधम सिंह नगर जिले से एक बेहद दुखद एवं मानवता को शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है जिसने निजी क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। दरअसल पूरा मामला रूद्रपुर तहसील क्षेत्र का है जहां सिडकुल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती के साथ चलती कार में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। ट्रांजिट कैंप पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

रूद्रपुर तहसील क्षेत्र के आवास विकास में रहने वाली एक युवती ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया कि, बीते 25 जनवरी की सुबह 5 बजे वह अपने घर से सिडकुल स्थित फैक्ट्री में काम पर जाने के लिए निकली थी। शिव मंदिर के पास ऑटो का इंतजार करने के बाद जब काफी देर तक कोई साधन नहीं मिला, तो वह पैदल ही रविदास मंदिर होते हुए अटरिया रोड की ओर बढ़ने लगी। इसी दौरान एक कार वहां आकर रुकी। कार में सवार दो युवकों ने उसे सिडकुल छोड़ने की बात कही, जिस पर वह उनके झांसे में आकर गाड़ी में बैठ गई।

अभी तक मिल रही जानकारी रूद्रपुर तहसील क्षेत्र के आवास विकास में रहने वाली एक युवती ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया कि, बीते 25 जनवरी की सुबह 5 बजे वह अपने घर से सिडकुल स्थित फैक्ट्री में काम पर जाने के लिए निकली थी। शिव मंदिर के पास ऑटो का इंतजार करने के बाद जब काफी देर तक कोई साधन नहीं मिला, तो वह पैदल ही रविदास मंदिर होते हुए अटरिया रोड की ओर बढ़ने लगी। इसी दौरान एक कार वहां आकर रुकी। कार में सवार दो युवकों ने उसे सिडकुल छोड़ने की बात कही, जिस पर वह उनके झांसे में आकर गाड़ी में बैठ गई।

आरोप है कि दोनों युवक युवती को सीधे फैक्ट्री ले जाने के बजाय सिडकुल क्षेत्र में इधर-उधर घुमाते रहे। जब युवती ने विरोध किया तो हालात और भयावह हो गए। आरोपियों ने चलती कार में पीछे की सीट पर आकर उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी उसे सिडकुल क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए।
घटना के बाद सदमे में आई युवती किसी तरह ट्रांजिट कैंप थाने पहुंची और पूरी आपबीती पुलिस को बताई। तहरीर मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे अहम सुराग हाथ लगे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर 27 जनवरी की रात ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने परशुराम चौक से सिडकुल की ओर जाने वाली सड़क पर एक फैक्ट्री के पास से दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
प्रदेश कोंग्रस का कहना है की उत्तराखंड के रुद्रपुर में फैक्ट्री में काम करने वाली एक बहन के साथ हुई दरिंदगी सिर्फ़ एक अपराध नहीं है, यह पूरे सिस्टम के मुँह पर तमाचा है। लिफ्ट देने के नाम पर गाड़ी में बैठाकर सामूहिक बलात्कार करना और फिर उसे सड़क पर फेंक देना..यह किसी एक व्यक्ति की हैवानियत नहीं, बल्कि उस शासन की असफलता है जो दिन-रात “सुशासन” और “कानून-व्यवस्था” का ढोल पीटता है। सवाल यह है कि अगर एक मेहनतकश महिला अपने काम से लौटते समय सुरक्षित नहीं है, तो फिर यह सरकार किसके लिए है?
CWC सदस्य करन माहरा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड महिलाओं के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। देहरादून पहले ही सवालों के घेरे में है, अब रुद्रपुर, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ तक अपराध की घटनाएं आम होती जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में न तो महिला सुरक्षा है, न ही अपराधियों के भीतर कानून का डर। नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ हैं और बेटियाँ डरी हुई।सबसे शर्मनाक बात यह है कि हर घटना के बाद वही रटा-रटाया बयान आता है कि “जांच होगी”, “कड़ी कार्रवाई की जाएगी”, “कानून अपना काम करेगा”। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि न तो पुलिस व्यवस्था मजबूत हुई, न ही अपराधियों को समय पर सज़ा मिली। सत्ता के संरक्षण में अपराध पनप रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी एवं CWC सदस्य करन माहरा का कहना है किअब बहुत हो चुका। अगर आज भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले समय में उत्तराखंड महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में गिना जाएगा। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक बहनों-बेटियों की इज्ज़त की कीमत पर यह सत्ता चलती रहेगी? जनता सब देख रही है, और यह अन्याय ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

