एक ओर भारतीय पुरुष टीम इंग्लैंड में टी-20 सीरीज में शर्मनाक हार का सामना कर आलोचनाएं झेल रही है तो दूसरी और भारतीय महिला टीम की बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में वह कर दिखाया है, जो इस मैदान के आनर्स बोर्ड पर सदियों तक भारत की शान बढ़ाता रहेगा।
इंग्लैंड के विरुद्ध लार्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच में शतक लगाकर यास्तिका ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला बल्लेबाज बन गई हैं। तीसरे दिन यास्तिका द्वारा लगाया गया शतक तीसरी या चौथी पारी में किसी भारतीय महिला द्वारा लगाया गया पहला शतक भी बन गया है।
यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक
यास्तिका (113) की इस पारी से भारत ने तीसरे दिन दूसरे सत्र में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 457 रन का बमुश्किल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक 130 रन पर छह विकेट गंवा दिए हैं और भारत को जीत के लिए केवल चार विकेट की जरूरत है।
भारत जीत से 4 विकेट दूर
इंग्लैंड को अंतिम दिन 337 रन और बनाने होंगे, जो बेहद मुश्किल है। इंग्लैंड ने चौथी पारी में लगातार विकेट गिरने पर विकेटकीपर एमी जोंस (52) ने पारी को संभाला। उनके साथ सोफी एक्लेस्टोन एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थीं। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम दूसरे दिन 170 रन पर ढेर हो गई थी।
क्रांति गौड़ के 5 विकेट
इसमें भारत की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ भी पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स में ऐसा करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी थीं। वहीं तीसरे दिन की शुरुआत एक विकेट पर 154 के स्कोर से करने के बाद भारत को शुरुआती झटके लगे। स्मृति मंधाना (70) के बाद जेमिमा रोड्रिग्स (3) भी जल्द पवेलियन लौट गईं। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर भी अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकीं 16 रन बनाकर आउट हो गईं।
ऋचा घोष की तेज तर्रार पारी
दिन की शुरुआत 39 रन से करने वाली यास्तिका ने लंच के बाद अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया और कुल 158 गेंदों की अपनी पारी में 14 चौके लगाए। इसके बाद ऋचा घोष ने मात्र 52 गेंदों पर नाबाद 50 रन की तेज पारी खेलकर भारत की बढ़त को और मजबूत कर दिया। इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन ने पांच विकेट झटके, जबकि लारेन बेल को दो विकेट मिले।

