आठवें वेतन आयोग को लेकर पेंशनर्स में क्यों है नाराजगी, आंदोलन का किया एलान

आगरा में संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के आह्वान पर बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार हॉल में पेंशनर्स ने आठवें वेतन आयोग में भेदभाव पर आंदोलन का एलान किया। नए वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल न किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया और सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई।

बैठक की अध्यक्षता अशोक कुमार कुलश्रेष्ठ सह संयोजक, आगरा ने की। जबकि संचालन वीर सिंह जिला संयोजक, वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रांतीय सहसंयोजक शिव शंकर दुबे ने कहा कि सरकार ने चालाकी से आठवें वेतन आयोग के दायरे में केवल उन कर्मचारियों को रखा है, जो 1 जनवरी 2026 के बाद सेवानिवृत्त होंगे। 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त हो चुके लाखों पेंशनरों को इससे बाहर रखना अन्यायपूर्ण है। ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आरके शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि पेंशनर अपने हक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यायालय से समाधान नहीं मिला, तो पेंशनर वोट की ताकत से सरकार को झुकाने का काम करेंगे। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। इनमें मुख्य रूप से आबिद मोहम्मद खान, विमल कुमार शर्मा, जमीर अहमद, हरिकांत शर्मा, बनवारीलाल राजपूत, रमेश चंद्र कटारा, राम सेवक यादव, वेद सिंह, सौदान सिंह, बच्चू सिंह, नरेंद्र देव पचौरी, विजय नाथ, महावीर सिंह बघेल, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह चाहर, थान सिंह फौजदार आदि शामिल रहे।