डाइट से 10% प्रोसेस्ड फूड हटाना कैसे घटा सकता है कैंसर का रिस्क?

आजकल थोड़ी-सी भी भूख लगने पर तुरंत फोन उठाकर खाना ऑर्डर करना हमारी रोजमर्रा की आदत बन गई है, लेकिन इस आदत के साथ हमारे शरीर में प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा भी तेजी से बढ़ रही है। लगातार ऐसे आहार के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई दिक्कतें और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है।

क्या कहती है नई रिसर्च?
एक नए शोध ने उम्मीद की किरण दिखाई है। इसके मुताबिक, अगर आप अपने खानपान में अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड) को सिर्फ 10 प्रतिशत तक भी कम कर देते हैं, तो आपके आंत के कैंसर का खतरा 2 प्रतिशत तक घट जाता है। ध्यान रखें कि इन प्रोसेस्ड फूड्स में बाजार के बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे पेय पदार्थ, चिप्स और प्रसंस्कृत मांस जैसी चीजें आती हैं।

20 सालों तक चली 4.6 लाख लोगों पर स्टडी
यह जानकारी हवा में नहीं दी गई है। शोधकर्ताओं ने 4.6 लाख अमेरिकी वयस्कों के विशाल डेटा का विश्लेषण किया है। साल 1995-96 में जब ये लोग ‘एनआइएच-एएआरपी आहार और स्वास्थ्य अध्ययन’ से जुड़े थे, तब इनकी उम्र 50 से 71 साल के बीच थी और इनमें से किसी को भी कैंसर नहीं था।

शोधकर्ताओं ने इन प्रतिभागियों से उनकी उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति, धूम्रपान की आदत, शारीरिक मेहनत और खानपान के तरीकों से जुड़े सवाल पूछे थे। इस जानकारी के आधार पर यह पता लगाया गया कि एक व्यक्ति रोजाना औसतन कितना प्रोसेस्ड फूड खाता है। इसके बाद 20 सालों से भी ज्यादा समय तक कैंसर को लेकर इन लोगों पर नजर रखी गई, जिसके दौरान आंत के कैंसर के 10,000 से अधिक मामले सामने आए।

किन चीजों से बढ़ता है खतरा और क्या है सुरक्षित?
इस लंबी रिसर्च में खाने-पीने की कुछ विशिष्ट चीजों को लेकर अहम निष्कर्ष सामने आए:

खतरा बढ़ाने वाली चीजें: हॉटडॉग जैसे उत्पादों का ज्यादा सेवन करने वाले लोगों में आंत के कैंसर के मामले अधिक पाए गए।
बचाव करने वाली चीजें: दूध से बने उत्पादों और फलयुक्त दही जैसी ठंडी मिठाइयों का ज्यादा सेवन करने वालों में आंत के कैंसर की घटनाएं कम देखी गईं।
नाश्ते का विकल्प: जो लोग नाश्ते में अनाज और ब्रेड का अधिक सेवन करते थे, उनमें भी आंत के कैंसर के मामले कम पाए गए।