आमतौर पर क्लास रूम में आपने बच्चों को पढ़ाते हुए मास्टर जी तो बहुत देखे होंगे लेकिन सोचिए तब नजारा कैसा होगा जब जिले के जिलाधिकारी खुद बच्चों को पढ़ाने कक्षा में पहुंच जाए.. पहाड़ के एक ऐसे ही स्कूल में यह नजारा तब दिखाई दिया जब युवा आईएएस और डीएम अल्मोड़ा अंशुल सिंह अचानक बच्चों की क्लास में पहुंच गए और हाथों में कलम की बजाय चॉक लेकर ब्लैक बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाने लगे….. इस बीच अपने सामने डीएम को देखकर बच्चे भी उत्साहित हुए और बड़ी सहजता और विनम्रता के साथ क्लास रूम में पढ़ाई का यह सिलसिला काफी देर तक जारी रहा… आपको बता दें कि जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कसार देवी बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मटेना का निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं अध्ययन-अध्यापन की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं को देखा… और बच्चों और शिक्षकों से बातचीत कर पठन-पाठन के संबंध में जानकारी ली ।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षक की भूमिका में बच्चों को पढ़ाया और उनके साथ सहज संवाद किया। उन्होंने कक्षा में बच्चों के बीच समय बिताते हुए उनकी पढ़ाई एवं सीखने की प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। जिलाधिकारी ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के संबंध में बातचीत कर शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता का भी जायजा लिया। इस दौरान पूरे स्कूल में इन खास लम्हों से न सिर्फ छात्रों का उत्साहवर्धन हुआ बल्कि स्कूल कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच भी एक प्रेरक उदाहरण बन गया

जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों से अध्ययन-अध्यापन की स्थिति और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कक्षाओं में पढ़ाए जा रहे विषयों तथा शिक्षण कार्य की जानकारी लेते हुए विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था का अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री रामजीशरण शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।


