नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: अब सहा नहीं जाता…मनहूस हूं…सॉरी मम्मा

हर्रावाला क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने पति, सास, ननद समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।

पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट निवासी सीमा कंडारी ने कोतवाली डोईवाला में दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

आरोप लगाया कि सृष्टि को कभी दहेज की मांग को लेकर तो कभी अपशकुन और मनहूस कहकर परेशान किया जाता था। ससुराल में होने वाली किसी भी अनहोनी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाता था। मृतका की मां ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को उनकी बेटी की हत्या कर दी गई। उन्होंने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी, ननद चारू और अन्य परिजनों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसांई ने बताया कि मृतका की मां की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम बीते बुधवार को ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मन बहुत अजीब सा हो गया है… सॉरी मम्मा
ऋषिकेश। मन बहुत अजीब सा हो गया है… 6 महीने से सह रही हूं… अब और सहा नहीं जाता… मनहूस हूं… सॉरी मम्मा… ये महज कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि एक बेटी की टूटती हुई उम्मीदों की आखिरी गवाही है। एक ऐसा दर्द, जो शायद वह किसी से कह नहीं सकी। एक ऐसी पुकार, जिसे समय रहते कोई सुन नहीं पाया।

शिक्षिका सृष्टि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। मौत से पहले बनाए गए कथित वीडियो में सृष्टि की आवाज में जो बेबसी झलकती है, वह हर संवेदनशील इंसान को भीतर तक हिला देने वाली है।

श्रीनगर गढ़वाल की श्रीकेाट निवासी सृष्टि की शादी पिछले वर्ष नवंबर में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। सौरभ सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत है। वहीं सृष्टि शिक्षिका (प्रवक्ता) थी। शादी के करीब तीन महीने बाद उसके ससुर का हार्ट अटैक से निधन हो गया।

आरोप है कि इस प्राकृतिक घटना का दोष भी सृष्टि पर मढ़ दिया गया। उसे मनहूस कहा जाने लगा। हर दिन ताने, अपमान और मानसिक प्रताड़ना उसके हिस्से में आने लगी। जिस बेटी ने सात फेरे लेकर एक नया घर बसाने का सपना देखा होगा, उसी घर में उसे उसकी पहचान से नहीं, बल्कि मनहूस जैसे अपमानजनक शब्द से पुकारा जाने लगा। शादी के नौ माह बाद सृष्टि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

फिलहाल सृष्टि की मौत को लेकर ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके वाले हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं। मृतका की मां ने पति सहित ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत पर पुलिस ने पति सहित सास, ससुर व ननद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।