25 जून 2026 यानी आज गुरुवार को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों का राजा कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के भक्त उनकी प्रसन्नता के लिए निर्जल यानी बिना जल और अनाज ग्रहण किए उपवास में रहकर भक्ति करते हैं।
इस एकादशी को अन्य एकादशी से कठिन माना जाता है। क्षेत्रीय विभिन्नताओं के आधार पर इसे निर्जल एकादशी, भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी समेत कई अन्य नामों से जाना जाता है।
निर्जला एकादशी पर 7 गलतियां भूलकर भी न करें
निर्जला एकादशी पर कुछ ऐसे भी कार्य हैं, जिन्हें करना पूर्ण रूप से वर्जित और अपवित्र माना जाता है। इस दिन इन 7 गलतियों को करने से आपका व्रत टूट सकता है। आखिर क्या हैं ये 7 गलतियां आइए जानते हैं इसके बारे में।
पानी ग्रहण करना
निर्जला एकादशी का व्रत पूरी तरह से बिना अन्न और जल ग्रहण किए बिना रखा जाता है, इसलिए भूलकर भी इस दिन जाने-अनजाने में पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने व्रत टूटने के साथ इसका पूर्ण फल भी प्राप्त नहीं होता है। इस दौरान कुल्ला करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि पानी गले के नीचे न जाए।
अनाज और चावल से दूरी
निर्जला एकादशी के मौके पर चावल का सेवन करना पूरी तरह से वर्जित माना जाता है। शास्त्रों में इस दिन चावल का सेवन करना पाप माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन जो व्रत करता है, उसे तो चावल का सेवन करना माना है, लेकिन जो नहीं भी करता है व्रत का पालन उसे भी चावल खाने से बचना चाहिए।
तामसिक भोजन से रहे दूर
निर्जला एकादशी के मौके पर केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी शुद्ध करने की कोशिश करनी चाहिए। इस दिन भूलकर भी मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ खाने से बचें जिसमें अधिक मिर्च मसाले का इस्तेमाल किया जाता हो।
तुलसी के पत्ते को तोड़ने से बचें
निर्जला एकादशी का दिन भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। इस दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते को तोड़ना नहीं चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि, इस दिन मां तुलसी विश्राम की अवस्था में होती है। निर्जला एकादशी पर पूजा के लिए तुलसी के पत्तों की जरूरत के लिए इसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
गुस्सा करने से बचें
निर्जला एकादशी के मौके पर भूलकर भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी का अपमान, गुस्सा करना, झूठ बोलना या विवाद करने से बचना चाहिए। यह दिन पवित्रता, आध्यात्मिक शांति, दया और सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने का दिन है।
काले कपड़े पहनने से बचें
निर्जला एकादशी के मौके पर कुछ रंगों को धारण करने से बचना चाहिए। इस दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र न पहनें। कोशिश करें संभव हो तो सफेद या फिर पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
स्नान जरूर करें
निर्जला एकादशी का व्रत सभी व्रत में खास माना जाता है। अगर आप इस दिन व्रत नहीं रख सकते तो कम से कम स्नान अवश्य करें और भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें। ऐसा करना धार्मिक नजरिए से शुभ माना जाता है।

