राष्ट्रपति मुर्मू ने पौष्टिक भोजन और शिक्षा को बताया अनिवार्य

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को कहा कि बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं और यह आवश्यक है कि उन्हें पौष्टिक भोजन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आसानी से उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार की नहीं बल्कि सभी की साझा जिम्मेदारी है। जब शिक्षक, माता-पिता, सामाजिक संगठन, कॉर्पोरेट जगत और समाज के सभी वर्ग मिलकर काम करते हैं, तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रखते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिले। ये मूलभूत तत्व बच्चों के सर्वांगीण विकास को संभव बनाते हैं।

द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा भोजन के पांच अरब पैकेट वितरण के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह अक्षय पात्र फाउंडेशन की एक सराहनीय उपलब्धि है।

इस कार्यक्रम का विषय ‘एक समृद्ध और शिक्षित भारत से एक विकसित भारत की ओर’ है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के महत्व को रेखांकित करता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा वह साधन है जो किसी व्यक्ति के जीवन में उपलब्ध अवसरों को निर्धारित करती है और उनकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। यह परिवर्तन और सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम है।

सशक्तीकरण और दक्षता निर्माण की प्रक्रिया बच्चों के स्कूल जाना शुरू करने के क्षण से ही आकार लेना शुरू कर देती है। स्कूल बच्चों को रोजमर्रा की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने के लिए आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करता है।

उन्होंने अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि फाउंडेशन पिछले 25 वर्षों से स्कूलों में मध्याह्न भोजन पहुंचाकर बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधान करने के लिए लगातार काम कर रहा है।