150 Pakistani brides arrive in India कैसे भारत पहुंचीं 150 पाकिस्तानी दुल्हनें ?

150 Pakistani brides arrive in India  भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और सीमा पर आवाजाही प्रतिबंधों के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने कई लोगों का ध्यान खींचा है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की करीब 150 महिलाएं, जिनकी शादी भारत में तय हुई थी, अब भारत पहुंच चुकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद वाघा-अटारी रूट से आवाजाही और वीजा को लेकर प्रतिबंधों के कारण इन महिलाओं की शादियां अटक गई थीं। बाद में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इन दुल्हनों और उनके परिवारों को तीसरे देशों के रास्ते हवाई यात्रा करके भारत आने की अनुमति मिली।

पाकिस्तानी दुल्हनों को वीजा परमिट और दस्तावेज 150 Pakistani brides arrive in India

150 Pakistani brides arrive in India
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सिंध प्रांत से कई परिवार पहले वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए भारत आते-जाते थे। भारत में रहने वाले युवकों से पाकिस्तानी सिंधी महिलाओं की शादी के मामले भी सामने आते रहे हैं।लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा और अटारी के रास्ते आवाजाही पर रोक लग गई। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ा जिनकी बेटियों की शादी भारत में तय थी। करीब 150 दुल्हनों की शादी की योजनाएं भी इससे प्रभावित हुईं।यही इस खबर का सबसे बड़ा सवाल है। रिपोर्ट के अनुसार, इन महिलाओं को भारत सरकार की ओर से विशेष रूप से वीजा जारी किए गए। इसके बाद उन्हें सीधे वाघा-अटारी बॉर्डर से आने के बजाय तीसरे देशों के जरिए हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की अनुमति दी गई।इनमें से कई परिवारों ने दुबई, ओमान/मस्कट, श्रीलंका, बांग्लादेश और दूसरे ट्रांजिट रूट्स का इस्तेमाल किया। यानी पाकिस्तान से भारत की सीधी जमीनी आवाजाही के बजाय पहले किसी तीसरे देश की यात्रा की गई और वहां से फ्लाइट लेकर भारत पहुंचा गया।


ऑपरेशन सिंदूर के बाद अटक गई थीं शादियां

नागपुर के सिंधी समुदाय से जुड़े नेता राजेश झंबिया के अनुसार, परिवारों ने इस समस्या को लेकर रायपुर स्थित शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिरलाल शदाणी से संपर्क किया। इसके बाद भारत में शादी करने वाली पाकिस्तानी महिलाओं की सूची तैयार कर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के सामने मामला रखा गया।रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने इन महिलाओं और उनके रिश्तेदारों को भारत आने की अनुमति दी, लेकिन हवाई मार्ग से यात्रा करने की शर्त रखी गई।बताया गया है कि इन करीब 150 महिलाओं की शादियां भारत के अलग-अलग शहरों में तय थीं। इनमें नागपुर, रायपुर, जोधपुर और पुणे समेत अन्य स्थान शामिल हैं। नागपुर से ही करीब 15 ऐसे मामले बताए गए हैं।इस विशेष अनुमति के बाद कई परिवारों का लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हुआ है।

करीब 300 महिलाएं अभी भी इंतजार में

हालांकि कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। समुदाय से जुड़े लोगों के मुताबिक, करीब 300 और पाकिस्तानी महिलाएं ऐसी हैं जो भारत में शादी के लिए वीजा का इंतजार कर रही हैं। समुदाय ने सरकार से उनके लिए भी वीजा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीधे आवागमन पर लगी पाबंदियों के बावजूद करीब 150 पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनों को विशेष वीजा के जरिए भारत आने का रास्ता मिला। इन महिलाओं ने वाघा-अटारी की जगह तीसरे देशों के जरिए हवाई मार्ग अपनाया। अब करीब 300 अन्य महिलाएं भी इसी तरह वीजा मिलने का इंतजार कर रही हैं।