Exclusive Report By – Anita Tiwari , Dehradun

Champawat Dhami 22 उत्तराखंड में 2022 का चुनाव भाजपा के लिए जहां एक बार फिर बहुमत से जीत लेकर लौटा तो वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए हार का सबब बन गया था। 2022 नतीजों के बाद लंबी बैठक , विचार विमर्श और जोड़-तोड़ के बाद हालांकि आलाकमान ने पुष्कर सिंह धामी को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने को कह दिया लेकिन सामने थी उपचुनाव जीतने की बड़ी जिम्मेदारी

Champawat Dhami 22 हेमेश खर्कवाल उपचुनाव में धामी को चुनौती देंगे
- Champawat Dhami 22 लिहाजा उपचुनाव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए गए , भाजपा खेमे से कहा गया कि कोई कांग्रेस का ही सेटिंग विधायक भाजपा के लिए सीट छोड़ेगा और कांग्रेस के खेमे से इस्तीफा देने वाले विधायक के क्षेत्र से मुख्यमंत्री चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचेंगे। लेकिन अंदर खाने क्या हुआ यह तो भाजपा और कांग्रेस के नेता जाने , लेकिन आखिरकार भाजपा को अपने चंपावत विधायक से इस्तीफा दिलवाना पड़ा और अब वहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपचुनाव के लिए मैदान में पहुंच गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 31 मई को मतदान होना है और 11 मई नामांकन की आखिरी तारीख है।

Champawat Dhami 22 31 मई को मतदान 11 मई नामांकन की आखिरी तारीख
- Champawat Dhami 22 उप चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और ना ही उस चेहरे को सामने किया है जो सीएम धामी के उपचुनाव को चुनौती देगा। हालांकि कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि कॉन्ग्रेस अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी से उबरने में ही लगी हुई है। ऐसे में उपचुनाव को प्रदेश संगठन और आलाकमान बहुत गंभीरता से नहीं ले रहा है। क्योंकि लगभग तस्वीर साफ है कि धामी के सामने कांग्रेस या तो उसी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी जो 2022 में थे या फिर कोई ऐसा चेहरा सामने आएगा जो सिर्फ औपचारिकता भर होगा।

- Champawat Dhami 22 आपको बता दें कि चंपावत सीट पर हिमेश खर्कवाल कांग्रेस के टिकट पर अब तक चुनाव लड़ते रहे हैं। 2022 का चुनाव भी उन्होंने ही लड़ा लेकिन इस बार कई नाम सामने आए जिन्होंने उपचुनाव लड़ने की दावेदारी की। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बदलने और नेता प्रतिपक्ष के नए चेहरे के बाद पार्टी अब पूरी तरह से नए तेवर और कलेवर में सामने हैं। यानी 2022 की विधानसभा चुनाव के बाद अब टीम बदल चुकी है ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा गढ़वाल के तूफानी दौरे पर हैं और कहा जा रहा है कि इस दौरान वह कांग्रेस की नब्ज और हवा को टटोल रहे हैं।

- Champawat Dhami 22 ऐसे में उपचुनाव के लिए बहुत ज्यादा रस्साकशी और चेहरों पर नजर नहीं जाएगी और सूत्र बताते हैं कि एक बार फिर हेमेश खर्कवाल ही कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव में धामी को चुनौती देंगे। अगर ऐसा होता है तो संभव है परंपरागत सीट होने की वजह से खर्कवाल कुछ हद तक सीएम धामी को चुनौती दे दे , लेकिन अगर उनकी जगह किसी ऐसे नाम को उतारा जाता है जो उस क्षेत्र के लिए नया होगा तो राजनीतिक पंडित यह मानते हैं यह मुख्यमंत्री को सीधे-सीधे वाक ओवर देना माना जाएगा। हालांकि बहुत संभव है कि गुरुवार शाम तक कांग्रेस अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दें , लेकिन कांग्रेस भवन से लेकर हरीश रावत के दरबार तक जितने भी सूत्र हैं सबका कहना है कि चंपावत सीट पर हिमेश खर्कवाल ही कांग्रेस के चेहरे होंगे।

- Champawat Dhami 22 अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस एक हारे हुए सिपाही और झुके हुए कंधे की तरह इस उपचुनाव में फ्रंट फुट पर लड़ती है या अपने आपसी खींचतान और गुटबाजी की वजह से इस उपचुनाव को महज एक औपचारिकता मानकर निपटा देगी। क्योंकि जिस तरह से प्रदेश कांग्रेस में पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह को किनारे किया गया है , उसके बाद एक बड़ा गुट ऐसा है जो कांग्रेस की मौजूदा संगठन से खार खाए बैठा है और कांग्रेस की यही स्थिति भाजपा को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अब पूरी तरह से अपनी जीत के लिए आश्वस्त नजर आ रहे हैं। देखना होगा करन माहरा , हरीश रावत और यशपाल आर्य की तिगड़ी इस उपचुनाव में कितना रंग डाल पाएगी।
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