Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun

Colonel Sanjay Panday इस संसार का सबसे भारी शब्द ज़िम्मेदारी है। और जिम्मेदारी निभाना एक पिता को बखूबी आता है। पिता को उसकी बेटियां सबसे ज्यादा प्यारी होती है बेटियां अगर पिता से झगड़ भी लेती है तो उसमें एक खूबसूरत सा प्यार और दुलार छिपा होता है। नाराजगी होती है तो भी उसमें एक भरोसा होता है। भारत में ही नहीं दुनिया भर में एक बेटी का सबसे प्यारा रिश्ता उसके पिता से जुड़ा देखा जाता है। इसीलिए हर पिता को और हर बेटी को इस कहानी से खुद को जोड़ कर देखना चाहिए।

Colonel Sanjay Panday हर पिता के लिए सुखद एहसास
- Colonel Sanjay Panday इस कहानी को हमने सोशल मीडिया पर तैरते देखा। ये एक दिल छू लेने वाली पोस्ट है जिसने देश दुनिया में खूब सुर्खियां बटोरी है। अब आपको बताते है कि मामला क्या है। तो बात ये है कि इसमें एक पिता अपनी प्रेग्नेंट बेटी के लिए मां का फर्ज और बाप की जिम्मेदारी, दोनों निभाने की बात कर रहे हैं।
Colonel Sanjay Panday पत्नी नहीं थी तो बेटी के लिए मां बन गया

- Colonel Sanjay Panday दरअसल रिटार्यड कर्नल संजय पांडेय ट्विटर पर लिखते हैं – पत्नी की मृत्यु हो गई थी। इसके ठीक एक साल बाद बेटी ने उन्हें बताया कि वो प्रेग्नेंट है। ज़ाहिर है कि प्रेग्नेंसी के दिनों में एक मां अपनी बेटी का ख्याल रखती है।ऐसे में कर्नल ने अपनी बेटी के लिए मां का भी फर्ज निभाया और बाप होने की जिम्मेदारी भी पूरी की।

- Colonel Sanjay Panday कर्नल आगे लिखते हैं जब मेरी बेटी ने मुझे प्रेग्नेंसी की खबर दी।तब मैंने अपनी बेटी के लिए ‘मां’ बनने का फैसला किया। उसी दिन मैंने किताबों और Youtube की मदद से प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी आहार के बारे में रिसर्च किया। 30 दिनों के भीतर लड्डुओं की पहली खेप तैयार कर दी।
Colonel Sanjay Panday कर्नल अब बना लेते हैं 12 तरह के लड्डू

- कर्नल संजय के मुताबिक कोरोना काल में सफर करने की इजाजत नहीं थी। पूरे आठ महीने यहीं से उसे पोषक खाने वाली चीजें भेजीं। उसके बाद उन्होंने यूके भी कई चीजें बनाई।

- Colonel Sanjay Panday कर्नल संजय लिखते हैं कि अब वह इस काम में मास्टर हो गए हैं। 12 तरह के लड्डू बनाना जानते हैं. कर्नल कहते हैं कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी को निराश नहीं किया। मैंने जनवरी 2019 से आज तक जो कुछ भी किया वह मेरा कर्तव्य था।

- हिंदुस्तान में रिश्तों के दरम्यान हमेशा से ही एक भावनात्मक कड़ी जुड़ी रही है। ऐसी न जाने कितनी कहानियां हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी लिखी और पढ़ी जाती हैं जो रिश्तो के झुरमुठ को हमेशा तरोताजा रखती है । रिश्तो की इन कहानियों में सबसे प्यारी कहानी होती है पिता और बेटी की रिश्ते की, जिसमें पिता आपकी बेटी के लिए मां , दोस्त , सलाहकार और उसका रक्षक होता है । बेटी भी अपने पिता में एक हीरो को देखती है । वह हीरो जो उसकी हर ख्वाइश उसकी हर चाहत को पल भर में पूरी कर सकता है। पिता और बेटी की रिश्तो की ऐसी कहानियों को शाइनिंग उत्तराखंड न्यूज़ भी सलाम करता है।
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