वायनाड सीट से प्रियंका गांधी की लॉन्चिंग की तैयारी Priyanka Gandhi Wayanad

चुनाव लड़ने से बचती रहीं प्रियंका Priyanka Gandhi Wayanad
रायबरेली और वायनाड में से किसी एक सीट को चुनने को लेकर राहुल गांधी धर्म संकट में हैं. जब वे संकट में थे तब वायनाड के लोगों ने उनका साथ दिया. वायनाड की रैली में ही उन्होंने इशारों ही इशारों में अपने मन की बात कर दी थी. उन्होंने कहा, ‘आप लोगों ने मुझे परिवार के सदस्य की तरह प्यार दिया. मैं आप लोगों के प्रेम को जिंदगी भर याद रखूंगा.’राहुल गांधी के इस बयान से वायनाड को गुडबाय कहने के संकेत मिल रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि वे रायबरेली से ही सांसद बने रहना चाहते हैं. कहा जा रहा है कि उनकी मां सोनिया गांधी भी ऐसा ही चाहती हैं, जो यहां से कई बार सांसद रहीं. उन्होंने तो रायबरेली के लोगों से भी कहा था कि अब राहुल आपके हवाले हैं.

दक्षिण और उत्तर भारत से सधेगा संतुलन
ऐसा माना जा रहा है कि राहुल गांधी वायनाड सीट छोड़ देंगे. उनके इस्तीफा देने के बाद इस लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा. सूत्र बताते हैं कि प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव लड़ सकती हैं. उनके चुनाव जीतने पर रायबरेली के साथ-साथ वायनाड का प्रतिनिधित्व गांधी नेहरू परिवार के पास ही रहेगा. दक्षिण और उत्तर भारत का संतुलन भी बना रह सकता है. केरल में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा है. इस बार यूपी में भी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया है.

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को वायनाड से चुनाव मैदान में उतार सकते हैं. वह इससे पहले एक सभा में कह चुके हैं कि अगर उनकी बहन प्रियंका बनारस में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में उतरी होतीं तो वह दो-ढाई लाख वोटों से हार जाते. दरअसल, इस बार बनारस में पीएम मोदी की जीत का मार्जिन काफी कम रहा. वह करीब 1.52 लाख वोटों से जीते थे. जबकि पहले उम्मीद की जा रही थी कि उनकी जीत पांच लाख से अधिक वोटों से होगी. उन्होंने कहा कि राहुल के रायबरेली का सांसद बने रहने से पार्टी और कार्यकर्ताओं को ताकत मिलेगी. इस लोकसभा चुनाव में उनके रायबरेली या फिर अमेठी से चुनाव लड़ने की बड़ी चर्चा थी, पर वे पार्टी की स्टार प्रचारक ही बनी रहीं.

