Dhami on Army पिता की याद में मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान !

Dhami on Army मुख्यमंत्री धामी अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में  60 वीर नारियों और 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने 28 वर्षों तक सेना की महार रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देते हुए, 1962 में हुए भारत चीन युद्ध, 1965 और 1971 में हुए भारत पाक युद्ध के साथ ही ऑपरेशन ब्लूस्टार व ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अपना योगदान दिया।

सीएम ने पुण्यतिथि पर पिता को किया नमन Dhami on Army 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में भारत का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, वो वर्ष 2024-25 में तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है। इसी प्रकार, रक्षा निर्यात भी उल्लेखनीय वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो वर्ष 2014 के पहले एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण, हथियार और अन्य रक्षा सामग्रियां उपलब्ध करा रहा है, जो इस बात का भी प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक रक्षा क्षेत्र में एक विश्वसनीय और मजबूत साझेदार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के वीर बलिदानियों की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए हम देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी करा रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि हमनें बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएं भी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सरकारी बसों में यात्रा की निशुल्क व्यवस्था करने के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपये मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। इस दौरान ₹7 करोड़ से अधिक की लागत से सीएसडी कैंटीन और सैनिक कल्याण केंद्र का लोकार्पण किया तथा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वयं खरीददारी कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान भी किया।