Man never saw woman ये दुनिया जितनी विचित्र है, उतनी ही यहां के लोग। यहां के लोगों के बारे में जितनी परिभाषाएं दी जाए, उतनी कम है। कई ऐसे लोग हैं, जिनके बारे में जानने के बाद शायद अपने कानों पर भरोसा ना हो, उनके बारे में पढ़ने के बाद अपनी आंखों पर भी भरोसा ना हो। ऐसे-ऐसे लोग दुनिया में पड़े हुए हैं। आज हम बात करेंगे, ऐसे ही एक शख्स Mihailo Tolotos की, जिसकी पूरी जिंदगी किताब का एक काल्पनिक किरदार बनकर रह गई।
Man never saw woman क्या आप यकीन करेंगे ?

Man never saw woman दरअसल, एक शख्स 82 साल तक इस जिंदा रहा, बिना यह जाने कि महिलाएं भी हमारे समाज का हिस्सा है। वह अपने आखिरी समय तक महिलाओं को एक काल्पनिक कथा का एक काल्पनिक हिस्सा मानता था। यहां तक कि वह ज्यादा लोगों से भी नहीं मिला। यह कोई किताब या फिल्म का कहानी नहीं है बल्कि एक असली किरदार है, जो ग्रीस के हल्कीदिकी का रहने वाला था। 1856 में जन्मे इस शख्स का नाम मिहेलो टोलोटोस (Mihailo Tolotos)था। जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मां की मौत हो गई, तभी से ही माउंट एथोस के एक मठ में रहने लगा, जिसका पालन-पोषण रूढ़िवादी भिक्षुओं ने किया।

Man never saw woman उस मठ के नियम काफी सख्त थे, जहां ना तो महिलाओं को आने की अनुमति थी और ना ही पशुओं को। यह कानून हजार सालों से इस मठ का हिस्सा बना हुआ है, जो आज तक चल रहा है। ऐसे में टोलोटोस ने कभी मठ नहीं छोड़ा, जिसका परिणाम आप सब सुन रहे हैं। हालांकि, ये नियम सिर्फ अविवाहित रहने के लिए था और यहां के भिक्षु बाहर जा सकते थें, लोगों से मिल सकते थें, दुनिया घूम सकते थें। 1938 में जब उसकी मौत हुई तो उसे भी बाकी भिक्षुओं की तरह दफन कर दिया गया।

Man never saw woman टोलोटोस ने कभी किसी महिला को नहीं देखा
Man never saw woman ऐसे में इस मठ के लोगों का मानना है कि टोलोटोस दुनिया के एकमात्र ऐसे इंसान थे, जिन्होंने अपनी पूरी में कभी किसी महिला को नहीं देखा और न हीं वे जानते थें कि आखिर महिला होती कैसी है? इसके अलावा उन्होंने कभी कार या हवाई जहाज को भी नहीं देखा था। वर्तमान समय में इस मठ (माउंट एथोस) को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। यहां हर साल काफी टूरिस्ट भी घूमने जाते हैं और टोलोटोस के बारे में करीब से जानने की कोशिश करते हैं।

