Uttarakhandi Jhilli Recipe मानसून आते ही पहाड़ों की वादियों में भुट्टे की महक हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है. खासकर उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के इलाकों में मिलने वाली झिल्ली (या छल्ली) का स्वाद पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. यह सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि पहाड़ी खानपान और स्थानीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है. अगर आप भी इस मानसून कुछ अलग और देसी फ्लेवर का आनंद लेना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से उत्तराखंडी स्टाइल झिल्ली तैयार कर सकते हैं.
उत्तराखंड की झिल्ली मानसून में पहाड़ों का स्वाद Uttarakhandi Jhilli Recipe

उत्तराखंड के कई इलाकों में भुट्टे को झिल्ली या छल्ली कहा जाता है. यहां इसे साधारण भुट्टे की तरह सिर्फ सेंककर नहीं खाया जाता, बल्कि स्थानीय मसालों और खास तड़के के साथ तैयार किया जाता है. यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य कॉर्न रेसिपी से बिल्कुल अलग और अधिक लाजवाब होता है.
झिल्ली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पारंपरिक रेसिपी को बनाने के लिए आपको चाहिए-
2 से 3 ताजे और मीठे भुट्टे
1 छोटा चम्मच सरसों का तेल
आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी
स्वादानुसार नमक
आधा छोटा चम्मच बारीक कटी हरी मिर्च
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
1 से 2 छोटा चम्मच नींबू का रस
चुटकीभर जाखिया (यदि उपलब्ध हो)
थोड़ा भुना हुआ तिल (वैकल्पिक)

ऐसे तैयार करें उत्तराखंडी स्टाइल झिल्ली
1. सबसे पहले भुट्टों को अच्छी तरह भून लें. यदि चाहें तो प्रेशर कुकर में दो सीटी लगाकर भी उबाल सकते हैं. ठंडा होने पर चाकू की सहायता से सभी दाने अलग कर लें.
2. अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. यदि जाखिया उपलब्ध है तो सबसे पहले उसका तड़का लगाएं. इसके बाद हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें.
3. अब हल्दी, लाल मिर्च, भुना जीरा और नमक डालकर कुछ सेकंड तक चलाएं. इसके बाद भुट्टे के दानों को कड़ाही में डालें और 4 से 5 मिनट तक मसालों के साथ अच्छी तरह भूनते रहें.
4. अंत में गैस बंद करके ऊपर से नींबू का रस, हरा धनिया और चाहें तो भुना हुआ तिल डालकर अच्छी तरह मिला लें.
ऐसे परोसें दोगुना हो जाएगा स्वाद
गरमा-गरम झिल्ली को हरी धनिया की चटनी या उत्तराखंड की पारंपरिक भांग की चटनी के साथ परोसें. बारिश के मौसम में चाय के साथ यह स्नैक बेहतरीन स्वाद देता है और पहाड़ों की याद ताजा कर देता है.

परफेक्ट स्वाद के लिए अपनाएं ये टिप्स
अगर जाखिया उपलब्ध न हो तो उसकी जगह जीरे का इस्तेमाल किया जा सकता है.
ताजे, मीठे और मुलायम भुट्टों से बनी झिल्ली का स्वाद सबसे अच्छा आता है.
सरसों के तेल का उपयोग करने से इसमें पारंपरिक पहाड़ी फ्लेवर और भी निखरकर आता है.
चाहें तो ऊपर से थोड़ा मक्खन डालकर भी इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है.
मानसून में जरूर ट्राई करें यह पहाड़ी रेसिपी
मानसून आते ही पहाड़ों की वादियों में भुट्टे की महक हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है. खासकर उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के इलाकों में मिलने वाली झिल्ली (या छल्ली) का स्वाद पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. यह सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि पहाड़ी खानपान और स्थानीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है. अगर आप भी इस मानसून कुछ अलग और देसी फ्लेवर का आनंद लेना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से उत्तराखंडी स्टाइल झिल्ली तैयार कर सकते हैं.

