Special Story By Anita Tiwari , Uttarakhand

Aboli Jarit Biography दुनिया में इंसान भी अजीब प्राणी है। तरह तरह की शक्ल , संग रूप और बनावट ने इंसान को बिलकुल अनोखा बनाया है। लेकिन इसी अनोखेपन में कई बार अविश्वसनीय लोगों का किरदार भी वजूद में नज़र आता है जिन्हे देखकर यकीन करना ही मुश्किल हो जाता है।

Aboli Jarit Biography बिना ब्लैडर के साथ पैदा हुई थी बच्ची
- Aboli Jarit Biography हमारे शरीर की बनावट हो या हमारे जिस्म के अंदरूनी हिस्सों की भूमिका अक्सर ये वैसे काम नहीं करते जैसा हम चाहते हैं। यही वो विचित्र तरह की कंडीशन हैं जिनका असर कभी कभी हम इंसानों पर बहुत बुरा होता है। इन कंडीशन्स के कारण शरीर की बनावट और अंगों पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। ऐसे ही एक विचित्र कंडीशन (Weird health condition) की शिकार भारत की एक युवती है जो अपनी असल उम्र से काफी छोटी लगती है।

- Aboli Jarit Biography आप कहेंगे कि हाइट कम होना या उम्र से छोटा लगना तो आम बात है, लेकिन अगर हम आपको कहें कि 19 साल की ये बच्ची सिर्फ 6 साल (19 year old girl looks like 6 year old) की लगती है तो क्या तब भी आप इसे मामूली चीज कहेंगे ! मीडिया में काफी चर्चित रहने वाली गुजरात के नाजापुर (Najapur, Gujarat) की रहने वाली अबोली जारित (Aboli Jarit) 19 साल की हैं। मगर वो सिर्फ 6 साल की बच्ची जितनी लगती हैं. उनकी हाइट भी सिर्फ 3 फीट 4 इंच है। इसके पीछे एक विचित्र कंडीशन है जिसने उनके शरीर को ऐसा बना दिया है।

- जब वो बच्ची थीं तब जांच से पता चला कि उन्हें रीनल रिकेट्स (Renal rickets) हैं। ये एक बेहद दुर्लभ कंडीशन (Rare condition) है जिसमें बच्चों की हड्डी की ग्रोथ ठीक ढंग से नहीं हो पाती, साथ में उसे रीनल बीमारी भी थी , यानि किडनी से जुडी दुर्लभ बीमारी , Aboli Jarit Biography इन सबके अलावा, बच्ची बिना ब्लैडर (baby born without bladder) के साथ पैदा हुई थी, इस वजह से उसे हर वक्त डायपर पहनना पड़ता था। ब्लैडर का काम यूरिन को रोकना और उसे जमा करना होता है। अब जब बच्ची के पास ब्लैडर ही नहीं है तो हर वक्त उसके शरीर से यूरिन निकलती है जिस वजह से उसे हर समय डायपर पहनना पड़ता है। समय के साथ उसकी हड्डियां और कमजोरी होती गईं और अब वो चल-फिर भी नहीं पाती है।

Aboli Jarit Biography सकारात्मकता से जीती है जिंदगी
- Aboli Jarit Biography इतनी मुश्किलों के बावजूद बच्ची अपना सकारात्मक रवैया खोती नहीं है। प्रेस मीडिया से बात करते हुए हौसले के साथ ये बच्ची कहती है कि इस बीमारी से बहुत लोग मर जाते हैं। खुशी की बात ये है कि वो जिंदा है। बच्ची ने कहा कि वो बॉलीवुड या हॉलीवुड में सिंगर और एक्ट्रेस बनना चाहती है और उसे उम्मीद है कि वो कभी ना कभी ये मुकाम हासिल कर लेगी। बच्ची ने कहा कि वो अपनी विचित्र कंडीशन के कारण फेमस नहीं होना चाहती, बल्कि अपने टैलेंट की वजह से फेमस होना चाहती है। भारत में ऐसे हौसले बहुत कम ही मिलते हैं लेकिन जब मिलते हैं तो वो बेमिसाल होते हैं। देश को भी ऐसी बेटियों पर गर्व होना चाहिए जिन्होंने अपनी बेबसी को कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया बल्कि उसके अपनी ताक़त बनाकर अपनी पहचान बनायीं है।
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