Artificial Heart IIT अगर आपको लगता है कि इंसान का दिल सच्चा होता है तो जनाब जल्द ही ये बीते कल की बात हो सकती है। क्योंकि अब मेडिकल वर्ल्ड में हिंदुस्तान नकली दिल पेश करने वाला है। जी हाँ सही सुना आपने , आइआइटी कानपुर के स्कूल आफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलाजी ने दुनियाभर के डाक्टरों और हार्ट स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर कृत्रिम हृदय तैयार किया है। जल्द ही इसका जानवरों पर परीक्षण शुरु कर दिया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो हार्ट ट्रांसप्लांट बहुत ही आसान हो जाएगा और नकली दिल बन जायेगा आपकी ज़रूरत
Artificial Heart IIT आइआइटी ने बनाया कृत्रिम दिल

- Artificial Heart IIT दौड़ती-भागती जीवनशैली और कोरोना जैसी संक्रामक बीमारियों के बाद हृदय रोगों में तेजी आ रही है। अचानक दिल का दौरा लोगों की जान ले रहा है। इसके बचाव में अब हृदय रोगियों के लिए आइआइटी कानपुर के वैज्ञानिकों और हृदय रोग विशेषज्ञ ने मिलकर कृत्रिम दिल तैयार किया है जिससे हृदय का प्रत्यारोपण हो सकेगा। केजीएमयू के 118वें स्थापना दिवस के अवसर पर आइआइटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि 2023 में ट्रायल होने के बाद संभवत आने वाले दो वर्षों में कृत्रिम हृदय का प्रत्यारोपण इंसानों में किया जा सकेगा।

- Artificial Heart IIT प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि संस्थान के 10 वैज्ञानिक और चिकित्सकों की टीम ने कृत्रिम दिल तैयार किया है। जल्द ही पहले फेस का ट्रायल शुरू किया जाएगा। कृत्रिम हृदय का उद्देश्य शरीर में खून को सही रूप से सभी अंगों तक पहुंचाना होगा यदि कामयाबी मिलती है तो इससे प्रत्यारोपण भी किया जा सकेगा।

- हालांकि वर्तमान में अभी इसमें काम चल रहा है। प्रो अभय ने कहा कि कोरोना काल ने हमें कई तरह से मजबूत बनाया है। आपको बता दें कि पहले भी कई बार भारत में चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने मिलकर इलाज के कई नए तकनीक तैयार कर मरीज़ों की जान बचाई है।
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