Bageshwar Dham Sarkar बागेश्वर धाम सरकार मंदिर, जी हां भगवान बालाजी की यह मंदिर और यहां के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस पूरे देश में इस वक्त चर्चा का विषय बने हैं। ऐसा दावा किया जाता है यहां आकर श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही उन्हें हर कष्ट से मुक्ति मिलती है। यहां आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान बालाजी का दरबार लगाते हैं और अनजान लोगों को उनके नाम से बुलाते हैं। फिर पर्ची में लोगों की समस्या भी लिख देते हैं। आजकल ये बातें लोगों की जुबान पर चढ़ी है।
Bageshwar Dham Sarkar बागेश्वर धाम मंदिर का इतिहास

- Bageshwar Dham Sarkar बागेश्वर धाम मंदिर भगवान बालाजी का फेमस मंदिर है। ये छतरपुर जिले के खजुराहो पन्ना रोड पर मौजूद गंज नाम के छोटे से कस्बे से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। वर्ष 1987 में वहां संत सेतु लालजी महाराज का आगमन हुआ। ये आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादाजी थे। उसके बाद वर्ष 2012 में श्रद्धालुओं की समस्या का निराकरण करने के लिए दरबार का शुभारंभ हुआ। उसके बाद वर्ष 2016 में बागेश्वर धाम में भूमि पूजन हुआ और फिर भगवान बालाजी का यह धाम समस्याओं के निराकरण के लिए प्रसिद्ध हो गया।

Bageshwar Dham Sarkar ऐसे लगाई जाती है यहां अर्जी
Bageshwar Dham Sarkar बालाजी के इस धाम में मंगलवार को भक्तों की भीड़ उमड़ती है और लोग बालाजी के दरबार में अपनी अर्जी लगाते हैं। बागेश्वर धाम में पर्ची लगाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। यहां आपको एक पर्ची पर अपनी समस्या लिखकर उसे लाल कपड़े में नारियल के साथ बांधकर यहां परिसर में रखना होता है। यहां पर आपको लाल, पीले और काले कपड़े में बंधे हुए नारियल मिल जाएंगे।

- इसके पीछे की वजह यह है कि अगर आपकी अर्जी सामान्य है तो और लाल कपड़े में नारियल बांधें, अगर शादी-विवाह से जुड़ी अर्जी है तो नारियल को पीले कपड़े में बांधें और अगर अर्जी प्रेत बाधा से जुड़ी है तो नारियल को काले कपड़े में बांधें। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि अगर आप यहां आकर ऐसा नहीं कर सकते तो अपने घर पर ही पूजास्थल में नारियल के साथ अपनी अर्जी लगा सकते हैं। ऐसा विश्वास है कि घर पर लगी अर्जी भी बालाजी सुन लेते हैं।

Bageshwar Dham Sarkar ऐसे पता लगता है कि अर्जी स्वीकार हुई या नहीं
Bageshwar Dham Sarkar आचार्य धीरेंद्र शास्त्री बताते हैं कि अगर आपने अर्जी सच्ची श्रद्धा से लगाई है और आपकी अर्जी स्वीकार हुई है तो आपको सपने में लगातार 2 दिन तक बंदर दिखाई देंगे। केवल एक दिन बंदर दिखाई दें तो यह माना जाता है कि आपकी अर्जी पहुंच चुकी है। अर्जी के स्वीकार होने पर घर के किसी सदस्य को सपने में 2 दिन तक बंदर दिखाई देंगे। अगर आपकी अर्जी स्वीकार न हुई हो यानी कि आपको सपने में बंदर न दिखें तो फिर से मंगलवार को ये उपाय करने होंगे।

Bageshwar Dham Sarkar कैसे पहुंचें बागेश्वर धाम
Bageshwar Dham Sarkar अगर आप बागेश्वर धाम सरकार मंदिर जा रहे हैं, तो सड़क मार्ग की मदद से या ट्रेन या हवाई मार्ग से यहां तक पहुंच सकते हैं। भोपाल से बागेश्वर धाम की दूरी करीबन 365 किमी है। ट्रेन से जाने की इच्छा रखने वालों के लिए बागेश्वर धाम छतरपुर रेलवे स्टेशन या फिर खजुराहो रेलवे स्टेशन से भी पहुंचा जा सकता है। फिर पन्ना रोड पर पन्ना गंज नाम के छोटे से कस्बे से 35 किमी दूर आकर आप यहां पहुंच जाएंगे।
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