चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज
चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा
चारधाम यात्रा को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई
धामी सरकार का सख्त संदेश: चारधाम यात्रा पर फेक न्यूज फैलाने वालों की खैर नहीं
भ्रामक खबरों से यात्रा प्रभावित करने की साजिश बेनकाब, पुलिस हुई सक्रिय

Char Dham Fake Video उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को शुरू हुई अभी कुछ घंटे ही हुए हैं कि देशभर से आने वाले सैलानियों के बीच भ्रामक और सनसनीखेज तथाकथित वीडियो को वायरल कर सुर्खियाँ और व्यूज की लालच में शर्मनाक हरकत करने वाले लोगों पर सरकार ने सख्त एक्शन लेना शुरू कर दिया है… बीते दो दिनों में ही केदारनाथ और चार धाम यात्रा मार्ग पर कुछ ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए जिससे यात्रा की व्यवस्थाओं और सरकार की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता दिख रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जीवाड़ा करने वाले कालनिर्मियों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए

यात्रा से जुड़े अधिकारियों का द्वार है कि
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।
किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।

चारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी, सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी
भ्रामक खबर फैलाने वालों पर पुलिस द्वारा अब तक 3 FIR दर्ज
चारधाम यात्रा को बदनाम करने वालों पर एक्शन जारी, हर पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर
सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान चिन्हित किए गए कुछ वीडियो एवं रील्स में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। इनमें श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाए जाने, 15-15 घंटे तक कतार में खड़े रहने के बावजूद दर्शन न होने, पुलिस व्यवस्था के अभाव तथा अव्यवस्था एवं धक्का-मुक्की जैसी भ्रामक बातें प्रसारित की गईं।

वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, चरणबद्ध एवं नियमानुसार दर्शन कराए जा रहे हैं। इन भ्रामक वीडियो के माध्यम से आमजन को भ्रमित करने, चारधाम यात्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा अनावश्यक भय एवं अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल, सख्त एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 सतत निगरानी करते हुए ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।
उक्त प्रकरणों में संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य संदिग्ध वीडियो एवं डिजिटल कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर भी शीघ्र कठोर कार्रवाई की जाएगी।राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की यह प्रक्रिया निरंतर, संगठित एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगी।

