Special Story By – Priyanshu Dwivedi , Prayagraj , UP
criminal procedure bill 2022 लोकसभा सोमवार को क्रिमिनल प्रोसीजर बिल 2022 पेश किया गया। इस बिल को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पेश किया।
criminal procedure bill क्रिमिनल्स के हर अंग नापेगी पुलिस

- गृह राज्य मंत्री की ओर से पेश बिल में प्रावधान किया गया है कि किसी सज़ायाफ्ता या किसी अपराध के आरोप में गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति के शरीर का नाप लिया जा सकेगा... नाप में व्यक्ति का फिंगर प्रिंट , फुट प्रिंट , आंखों की आयरिश का नमूना , उसकी तस्वीर , जैविक सैम्पल जैसे खून का नमूना , उसके हस्ताक्षर आदि शामिल होगा...
नए बिल criminal procedure bill 2022 में क्या है प्रावधान ?

- criminal procedure bill 2022 मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ये नमूने लिए जा सकेंगे… किसी पुलिस स्टेशन का थानाध्यक्ष या हेड कॉन्स्टेबल और जेल के हेड वार्डर से ऊपर रैंक का पुलिस अफ़सर नमूना ले सकेगा… नमूने से हासिल हुए आंकड़ों या डेटा को सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की होगी…. 75 सालों तक इन आंकड़ों को सुरक्षित रखा जा सकेगा जिसके बाद इसे खत्म कर दिया जाएगा… हालांकि सज़ा पूरी होने या कोर्ट से बरी होने की स्थिति में डेटा को पहले भी ख़त्म किया जा सकेगा….

- नया बिल 1920 के Identification of Prisoners Act को ख़त्म कर नया क़ानून बनाने के लिए लाया गया है… सरकार का कहना है कि अपराध की जांच और उसे रोकने की दृष्टि से बिल में किए गए प्रावधान बेहद ज़रूरी हैं...


criminal procedure bill 2022 75 सालों तक सुरक्षित रह सकेंगे अपराधियों की पहचान ,नमूने
- कानून के हाँथ लम्बे होते हैं ये आपने खूब सुना होगा। लेकिन अब ये हाँथ और भी मजबूती के साथ बदमाशों के गर्दन पर कस्ते दिखाई देंगे। criminal procedure bill 2022 पास होता है तो अपराधियों और हिरासत में लिए गए दोषियों, आरोपियों की पहचान से जुड़ी हर जानकारी का रिकॉर्ड पुलिस रख सकेगी। हालांकि बिल पेश होने के साथ ही सदन में विपक्ष के नेताओं ने कड़ी आपत्ति भी जताई।

- बता दें कि अगर यह criminal procedure bill 2022 बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो जाता है तो कानून के रूप में लागू हो जाएगा और इससे जुड़ा मौजूदा कानून द आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्रिजनर्स एक्ट 1920 रद्द हो जाएगा। इस बिल के लागू होने के साथ ही पुलिस की शक्तियों में वृद्धि हो जाएगी। बिल को लेकर गृह राज्य मंत्री ने कहा कि यह विधेयक न केवल हमारी जांच एजेंसियों की मदद करेगा बल्कि अभियोजन को भी बढ़ाएगा। इसके माध्यम से अदालतों में दोष साबित होने की दर में वृद्धि होने की संभावना है।

- क्या है criminal procedure bill 2022 बिल की खास बातें: इसका उद्देश्य दोषियों, अपराधियों की पहचान को संरक्षित करना है। जिससे भविष्य में काम लिया जा सके। इसमें पहचान के लिए पुलिस को अपराधियों के अंगों और निशानों की माप लेने का अधिकार मिल जाएगा। पुलिस इसके तहत अपराधियों की अंगुलियों के निशान, पैरों और हथेली के निशान, फोटोग्राफ, जैविक नमूने, आंख की पुतली, रेटिना स्कैन, दस्तखत और लिखावट जैसे रिकॉर्ड संजोकर रख सकेंगे।
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