Dehradun दून में पार्किंग बनी चुनौती – मुख्य सचिव ने उतारी टीम

आशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Dehradun  मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून – दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सप्ताहांत एवं चारधाम यात्रा के कारण अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा. इसके लिए उन्होंने लगातार देहरादून के यातायात को अपग्रेड किए जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले यातायात के प्रबंधन के लिए शीघ्र यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

जिला प्रशासन ने 6 चिन्हित स्थलों का किया फील्ड मुआयना Dehradun 

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मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री एवं मुआवजा का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आढ़त बाज़ार के अंतर्गत हो भी ध्वस्तीकरण कार्य किया जाना है, उसे भी शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने 15 मई, 2026 तक रजिस्ट्री कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को भी शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने हेतु तत्काल एक साईट सिलेक्शन कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजीबिलिटी एवं डीपीआर को शीघ्र तैयार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।


मुख्य सचिव ने देहरादून के विभिन्न जंक्शनों के सुधारीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कारगी चौक सुधारीकरण कार्य को तत्काल कराया जाए। बताया गया कि 4 जंक्शनों में कार्य प्रारम्भ हो गया है, 6 का प्रस्ताव गतिमान है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया किआढ़त बाज़ार की 52 रजिस्ट्री कम्पलीट हो चुकी है, बाकी का कार्य गतिमान है। मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को देहरादून के लिए बसों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लगातार फॉलोअप करते हुए सितंबर तक देहरादून के रूट्स पर 100 बसें संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।


स्मार्ट सिटी देहरादून में पार्किंग तलाश रहा जिला प्रशासन

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर एडीएम वित्त / राजस्व कृष्णा कुमार मिश्रा संबंधित कई विभागों की एक टीम के साथ शहर के कोने-कोने में पार्किंग के लिए खाली स्थान ढूंढ रहे हैं। मुख्य सचिव के निर्देश पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण , मेट्रो रेल कॉरपोरेशन , नगर निगम देहरादून , लोक निर्माण विभाग और देहरादून जिला प्रशासन की टीम बीते कई दिनों से शहर के अलग-अलग प्रमुख चौराहों और बाजारों के इर्द-गिर्द पर्याप्त पार्किंग के लिए जगह तलाश रही है लेकिन एक दत पार्किंग भी अब तक फाइनल नहीं हो सकी है।

एडीएम केके मिश्रा , एमडीडीए , नगर निगम , ट्रेफिक पुलिस और मेट्रो रेल की टीम शामिल


आपको बता दें कि देहरादून को भले ही स्मार्ट बनाने का दावा किया जा रहा हो लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या बीते कई सालों से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए नासूर बन चुकी है। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हो या प्रदेश के हैवीवेट कैबिनेट मिनिस्टर या आईएएस आईपीएस की फौज , देहरादून की इस विकट समस्या का समाधान अभी तक कोई खोज नहीं पाया है। लिहाजा एक बार फिर कई विभागों की एक संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर जमीन तलाशी जा रही है। इसी कड़ी में देहरादून के 6 प्रमुख स्थान को सरकार ने चिन्हित किया और देहरादून के एडीएम वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने सभी छह स्थानों का मौका मुआयना भी किया। इनमें शामिल है लाल पुल के करीब खाली स्थान , घंटा घंटाघर के करीब चकराता रोड पर पार्किंग के लिए स्थान , पुराना बस स्टैंड कचहरी रोड , हनुमान चौक के करीब कांवली रोड और बहल चौक लेकिन ये सभी अलग अलग कारणों से फेल हो गयी हैं।

एक बार फिर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देहरादून के भीतर चिह्नित पार्किंग स्थलों, सरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग कैपेसिटी को पूर्ण रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने यूपीसीएल द्वारा विद्युत के अंडरग्राउंड कार्य एवं गैस पाइप लाइन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाने सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोभाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।