Disco Biscuit News ग्रेटर नोएडा में रहने वाले अफ्रीकी मूल के नागरिकों के पास से एक ड्रग डिस्को बिस्कट प्राप्त हुआ है। यह तीनों ड्रग तस्कर ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के जनकपुरी, वसंत कुंज और INA मार्केट में इस डिस्को बिस्किट की सप्लाई करते थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इनके पास से 60 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की है।
Disco Biscuit News डिस्को बिस्किट क्या है जानिए

Disco Biscuit News दिल्ली की स्पेशल सेल ने पकड़ा 60 करोड़ का डिस्को बिस्किट, इसके बारे में जानते हैं आप? ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी मूल के तीन लोगों को किया गिरफ्तार, दिल्ली के वसंत कुंज और जनकपुरी में पहुंचाते थे ड्रग्स डिस्को बिस्किट एक तरह की ड्रग है जिसे Methaqualone भी कहा जाता है, यह भारत में बैन है
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले अफ्रीकी मूल के नौजवानों ने इस ड्रग को ही अपना कमाई का जरिया बना लिया। पोल तब खुली जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस ड्रग की कीमत 60 करोड़ बताई है। नाम है डिस्को बिस्किट। नाम सुनने के बाद जरूर लगता है कि यह डिस्को लाइट की तरह दिखती होगी या खाने से लोग डिस्को करने लगते होंगे। चलिए इस बारे में भी आपको बताएंगे।

असल में यह खास तरह के ड्रग को ग्रेटर नोएडा के एक महंगे इलाके में रखा गया था। वहां से लाकर इसे दिल्ली में बेचा जाता था। स्पेशल कमिश्नर धालीवाल ने बताया कि अब तक 3 तस्करों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। ड्रग तस्करों का मालिक पश्चिम अफ्रीकन देश का है। धालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोग पिछले 2 साल से यह धंधा कर रहे थे। पुलिस ने बताया आरोपी भारत में बिना किसी वैध ट्रेवल दस्तावेजों के रह रहे थे।

डिस्को बिस्किट असल में एक ड्रग का नाम है। इसका असली नाम Methaqualone है। यह ड्रग मशहूर हॉलीवुड फिल्म The Wolf Of Wall Street से चर्चा में आई थी। यह ड्रग भारत में बैन है। अगर इसका सेवन, खरीद बिक्री करते कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ नार्कोटिक्स ड्रग और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। अमरीका में इसे साल 1983 में मार्केट से हटा लिया गया था और इसे साल 1984 में शेड्यूल 1 ड्रग की श्रेणी में रखा गया है।
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