DM सविन बंसल को मिला गृह मंत्रालय का साथ..अब होगा कड़ा फ़ैसला 

DM Savin Bansal अपने कड़क फैसलों और जनसेवा के प्रभावी कार्यों की वजहों से देहरादून में एक प्रभावशाली प्रशासक की छवि बना चुके डीएम सविन बंसल के फैसले पर अब भारत सरकार ने मोहर लगाते हुए उन्हें गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लेने की इजाजत दी है….इसके पहले भी राजकीय कार्यों में ढिलाई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को डीएम बंसल पहले चेतावनी देते रहे हैं लेकिन उनके निर्देशों और सरकारी बैठकों से कन्नी काटने वाले अफसर किसी भी विभाग के रहें हों उनके खिलाफ़ कार्यवाही भी जरूर हुई है…अब ताजा मामला भी जान लीजिए
ADM( FR ) के व्यक्तिगत फोन के बावजूद अफसर हुए लापरवाह 
भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना प्रक्रिया के अग्रिम चरण में प्रवेश करने के लिए जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा अपेक्षा की जा रही है कि जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, उनके साथ नियमित बैठकें आयोजित कर क्षेत्र निर्धारण, अन्तर्विभागीय समन्वय, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कर त्वरित रूप से मंत्रालय को अवगत कराया जाए।
इसी क्रम में निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक  28 जनवरी 2026 को आहूत की गई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कैन्ट बोर्ड गढ़ी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छावनी परिषद क्लेमनटाउन को विधिवत लिखित सूचना एवं दूरभाष के माध्यम से अवगत कराए जाने के बावजूद उनके द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं किया गया। इस पर निदेशक जनगणना द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया।
लापरवाही से जनगणना से संबंधित कार्यवाही हुई प्रभावित 
संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्यवाही की संस्तुति
इसके बाद  31 जनवरी 2026 को पुनः बैठक आयोजित की गई, जिसकी सूचना  28 जनवरी 2026 को ही प्रेषित कर दी गई थी। साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के के  मिश्रा द्वारा बैठक के महत्व को स्पष्ट करते हुए दोनों छावनी परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर संपर्क कर बैठक में प्रतिभाग करने का अनुरोध भी किया गया। इसके बावजूद दोनों अधिकारी पुनः बैठक में अनुपस्थित रहे।
अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित छावनी क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो सका तथा जनगणना से संबंधित प्रारम्भिक कार्यवाही भी प्रारम्भ नहीं हो पाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिला प्रशासन देहरादून को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्यवाही की संस्तुति की गई है।जिला प्रशासन देहरादून एवं निदेशक जनगणना द्वारा संयुक्त रूप से Census Act, 1948 की धारा 6, 7 एवं 11 (जिसमें एक माह तक के कारावास का प्रावधान है) के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।