Earthquake In Pithoragarh पिथौरागढ़ में भूकंप के झटकों से दहशत

Earthquake In Pithoragarh: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रविवार, 25 अक्टूबर को भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई. दोपहर के समय धरती हिलने का एहसास होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई. राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है. हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय लोगों में कुछ समय तक हलचल बनी रही.

उत्तरकाशी में भी महसूस किए गए थे भूकंप के झटके Earthquake In Pithoragarh

पिथौरागढ़ से पहले उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भी 10 अक्टूबर की रात भूकंप आया था. उस दौरान भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई थी. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रात 8 बजकर 7 मिनट 30 सेकंड पर आए इस भूकंप के झटके जिले के कई इलाकों में महसूस किए गए थे. धरती में कंपन होने से लोगों के बीच हलचल मच गई थी. हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक उस घटना में भी किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली थी.

उत्तरकाशी में जमीन से 11 किलोमीटर नीचे था केंद्र

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अक्टूबर में आए भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी शहर से लगभग दो किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था. इसकी गहराई जमीन से करीब 11 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई थी. झटकों की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों और पुलिस थानों से स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. प्रारंभिक आकलन में जिले के किसी भी हिस्से से जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी.

अप्रैल में भी पिथौरागढ़ में आया था भूकंप

पिथौरागढ़ में इससे पहले 14 अप्रैल 2026 को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, उस दिन सुबह 7 बजकर 7 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई थी. घटना के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया था और स्थिति का जायजा लिया गया था. उस समय भी किसी तरह के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई थी. उत्तराखंड में अलग-अलग समय पर महसूस किए जा रहे भूकंप के झटके हिमालयी क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को रेखांकित करते हैं. ऐसे में झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है.