Emotional Father Letter आर्थिक तंगी के चलते एक युवक ने सुसाइड कर लिया. युवक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसको पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गईं. युवक ने सुसाइड नोट में लिखा, “मम्मी-पापा मुझे माफ कर दो. मैं जिस काम में हाथ डालता हूं, वहां मुझे निराशा ही मिलती है. एक-एक पैसे का मोहताज हो गया हूं. मेरी बेटी का ख्याल रखना. उसको पढ़ाना-लिखाना, अफसर बनाना. मैं इतना अभागा हूं कि अपने आखिरी समय में अपनी बेटी को देख तक नहीं पाया.” ऐसे ही करीब दो पन्नों के सुसाइड नोट में युवक ने अपने दर्द की दास्तां को बयां किया और फिर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली.

Emotional Father Letter घटना उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सामने आई है , छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी ज्ञानेंद्र पुत्र लज्जाराम की छिबरामऊ मार्केट में एक जनरल स्टोर की दुकान थी. ज्ञानेंद्र सुबह दुकान जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन दोपहर में जब ज्ञानेंद्र का बेटा उसको खाना देने दुकान पर पहुंचा तो दुकान बंद मिली. बेटे ने घर पर आकर इसकी सूचना दी. घरवालों ने ज्ञानेंद्र को फोन किया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था. ज्ञानेंद्र का फोन शाम को करीब सात बजे खुला. इसके बाद उसने अपने परिवार वालों से बात की.
Emotional Father Letter परिजनों ने घर वापस आने को बोला तो मना कर दिया

Emotional Father Letter परिवार वालों ने ज्ञानेंद्र को घर आने के लिए कहा, लेकिन उसने घर आने से मना कर दिया. ज्ञानेंद्र ने कहा कि वह कभी घर वापस नहीं आएगा. वह टूट चुका है. ज्ञानेंद्र के परिजनों को कई मैसेज भी किए, जिसके बाद सभी लोग घबरा गए. परिजनों ने बताया कि अनहोनी के डर से हम लोगों ने ज्ञानेंद्र को खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला. परिजनों ने बताया कि सदर क्षेत्र से ज्ञानेंद्र एक बस में बैठ गया और जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया.
Emotional Father Letter सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिला युवक

Emotional Father Letter बस वालों को ज्ञानेंद्र अचेत अवस्था में लगा तो उन्होंने ज्ञानेंद्र को वहीं सड़क किनारे उतार दिया, तभी स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे अचेत ज्ञानेंद्र को देखा तो उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. ज्ञानेंद्र के कपड़ों से दो पन्नों का सुसाइड नोट और मोबाइल बरामद हुआ. मोबाइल से स्थानीय लोगों ने घरवालों को ज्ञानेंद्र की मौत की सूचना दी.
पत्नी के लिखा- तुमको आज से आजाद करता हूं

Emotional Father Letter ज्ञानेंद्र ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपनी जिंदगी से बहुत निराश हो चुका हूं. मैं जहां भी काम करने के लिए हाथ डालता हूं, वहां मुझे निराशा ही लगती है. मम्मी-पापा मुझे माफ कर दीजिए. ज्ञानेंद्र ने अपनी पत्नी के लिए सुसाइड नोट में लिखा कि मैं तुमको आज से आजाद करता हूं. अपने बच्चों के लिए उसने लिखा कि मैं इतना अभागा हूं कि अपनी बेटी से अंतिम समय में मिल तक नहीं पाया. बेटे के लिए भी लिखा कि तुम दोनों लड़ना मत. अपना ख्याल रखना
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