Fatehabad Judge DR Chaliya इस कलयुग में भी कोई इंसान दूसरे इंसान की मदद करता है तो लगता है कि इस दुनिया में अभी भी इंसानियत जिंदा हैं… ऐसा ही एक उदाहरण जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में देखने को मिला… एक मामले में टोहाना से अदालत में पेश होने दो महिलाएं आई तो उनके साथ उसका बच्चा भी आया था, जो की नंगे पैर था… महिलाओं के मुकदमे की सुनवाई न्यायाधीश डीआर चालिया कर रहे थे… तभी उनकी नजर बच्चे के नंगे पैरों पर पड़ी, जिससे उनका दिल पसीज गया… न्यायाधीश डीआर चालिया ने तुरंत जूते मंगवा कर बच्चे को दिए….
Fatehabad Judge DR Chaliya न्यायाधीश ने जूते मंगवा कर बच्चे को दिए

- Fatehabad Judge DR Chaliya आम तौर पर नयाँ की कुर्सी पर बैठे ख़ास व्यक्ति से ऐसी दरियादिली की उम्मीद किसी को नहीं होती है लेकिन जब न्यायाधीश ने ऐसा निर्णय लिया तो पूरे कोर्ट परिसर में उनकी संवेदनशीलता की दिल से लोगों ने वाहवाही की …. इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह निर्णय लेकर उन्होंने सभ्य समाज के सामने एक उदाहरण पेश किया है कि चाहे कोई अपराधी हो या याचिकाकर्ता, जरूरतमंद बच्चों की मदद करना हमारा कर्तव्य है…
Fatehabad Judge DR Chaliya न्यायाधीश ने ऐसा निर्णय लिया

- Fatehabad Judge DR Chaliya केस की कार्यवाही चल रही थी , कोर्टरूम में मुकदमें से जुड़े लोग दलील दे रहे थे और लोगों की नज़र जज साहब पर लगी थी। लेकिन इस दौरान जज साहब की नज़र एक बच्चे पर थी। उस मासूम से बच्चे को देखकर उन्होंने कहा कि इतनी तेज गर्मी में बच्चा नंगे पैर कैसे चलकर आया.. न्यायाधीश की इस दयालुता की पूरे कोर्ट परिसर में खूब सराहना हुई… उन्होंने समाज में एक मिसाल कायम की कि चाहे कोई अपराधी हो या याचिकाकर्ता, जरूरतमंद बच्चों की मदद करना हमारा कर्तव्य है…..
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