Report By Anita Tiwari , Dehradun ,

Govind Ballabh Pant भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पंत के 135 वें जन्मदिन समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक साथ श्रद्धांजलि दी । यह तस्वीर मौजूदा सियासी हालात में बेहद सुकून देते हैं। क्योंकि अभी 1 दिन पहले ही त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम धामी की तारीफ करते हुए कई अहम बातें कही थी। अगले दिन पूर्व सीएम निशंक का साथ आना यह बता रहा है कि युवा सीएम धामी सभी वरिष्ठ नेताओं को अपने साथ साधने में कामयाब हो रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत जी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगार प्रथा तथा जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष कर समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई।
Govind Ballabh Pant CM ने चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

- Govind Ballabh Pant मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत जी का पहाड़ के प्रति विशेष लगाव था। जीवन में तमाम समस्याओं के बावजूद भी वे अपने कर्तव्य पथ से कभी पीछे नहीं हटे। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं भारत के गृह मंत्री के महत्वपूर्ण दायित्व उनके पास रहे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के ऐसे महान सपूत से प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड युवा राज्य है। 2025 में हम उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना की रजत जयंती मनायेंगे। तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। हमें विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। इस वक्त की तरह के उठापटक की अफवाहें लगातार सामने आ रही है , उन सब के बीच वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ सीएम धामी किए जुगलबंदी इशारा कर रही है कि वह अपनी रणनीति और सबको साथ लेकर चलने की पॉलिसी पर कामयाबी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

- Govind Ballabh Pant पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत जी ने देश की आजादी के लिए पूरा जीवन खपाया। उन्होंने पहाड़ के विकास एवं संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि के साथ वीरभूमि भी है। पं.गोविंद बल्लभ पंत जैसे क्रांतिकारी इसी देवभूमि में पैदा हुए। डॉ. निशंक ने कहा कि भारत रत्न पं.गोविंद बल्लभ पंत जी ने जो रास्ता दिखाया, उससे प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। वे देवभूमि उत्तराखण्ड के गौरव एवं सम्मान हैं। उन्होंने कहा आज देश ज्ञान-विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।इस अवसर पर विधायक खजान दास, मैती आन्दोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, दीप्ति रावत भारद्वाज, राकेश डोभाल उपस्थित थे।
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