Haridwar Ardhkumbh आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के तहत हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी का व्यापक स्तर पर नवीनीकरण किया जाएगा। इसके लिए करीब 108 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। यह परियोजना दो हिस्सों में विभाजित है, जिसमें मुख्य क्षेत्र में 55.72 करोड़ रुपये और उत्तरी क्षेत्र में 52.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी कार्य उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (UPDCC) के माध्यम से कराए जाएंगे।

गंगा तट पर स्थित हरकी पैड़ी देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। अर्धकुंभ मेले के मद्देनजर इस पवित्र स्थल को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। परियोजना के अंतर्गत घाटों की मरम्मत, पुलों की मजबूती, आवागमन मार्गों का निर्माण, भीड़ प्रबंधन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े अनेक कार्य शामिल हैं। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

नवीनीकरण का कार्य ब्रह्मकुंड से शुरू होगा Haridwar Ardhkumbh
यहां पुराना फर्श हटाकर लाल पत्थर और मकराना मार्बल का नया फर्श बिछाया जाएगा। टूटे हुए हिस्सों की मरम्मत की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। सुभाष घाट पर फर्श की मरम्मत के साथ स्टील रेलिंग और चेन लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मालवीय द्वीप पर भी लाल पत्थर का नया फर्श बिछेगा, साथ ही चेंजिंग रूम और नई रेलिंग स्थापित की जाएंगी।
कांगड़ा घाट पर कंक्रीट संरचना की मरम्मत, मार्बल फर्श और श्रद्धालुओं का सामान रखने के लिए लॉकर बनाए जाएंगे। शिव पुल से धनुष पुल तक नया घाट विकसित किया जाएगा। हाथी पुल, शिव पुल, भागीरथी पुल, तिरछा पुल, धनुष पुल, नया संजय पुल, कांगड़ा नोज पुल, संजय पुल और पुराना कांगड़ा पुल में कंक्रीट की मजबूती, स्टील रेलिंग, सुरक्षा बैरियर और पेंटिंग का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा पुराना आइरिस पुल, अमरापुर घाट पुल, विष्णु घाट पुल, डाम कोठी पुल और ललतारौ पुल की मरम्मत और रंगाई भी की जाएगी।

अलखनंदा घाट (वीआईपी घाट) और ऊंचे फुटपाथ पर फर्श को दुरुस्त किया जाएगा। यहां रेलिंग और चेंजिंग रूम को भी आधुनिक रूप दिया जाएगा। रोड़ीबेलवाला घाट और शिव घाट पर नया फर्श बिछाया जाएगा तथा नई चेन और रेलिंग लगाई जाएंगी। अन्नक्षेत्र क्षेत्र में कंक्रीट निर्माण और ग्रेनाइट फर्श तैयार किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। दीवारों पर धार्मिक चित्र उकेरे जाएंगे और सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच स्थानों पर पानी के कियोस्क लगाए जाएंगे, जिनमें शुद्ध पेयजल की मशीनें होंगी। पूरे क्षेत्र में सजावटी खंभे, एलईडी लाइटें और स्पीकर लगाए जाएंगे। साउंड सिस्टम और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं दी जाएंगी। जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नए पाइप और वाल्व लगाए जाएंगे, जबकि गंदे पानी की निकासी के लिए पंप और चैंबर बनाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के तहत पेड़ों के चारों ओर सुरक्षा जाली लगाई जाएगी और कचरा प्रबंधन के लिए स्मार्ट डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। पुलों, मंदिरों और धार्मिक चित्रों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा।
परियोजना के उत्तरी हिस्से में पुराने घाट का पुनर्निर्माण किया जाएगा। यहां पुराना फर्श हटाकर लाल पत्थर का नया फर्श बिछाया जाएगा, स्टील रेलिंग और चेन लगाई जाएंगी। इसके साथ ही पक्की सड़क और फुटपाथ का निर्माण होगा। दो सुविधा भवनों में शौचालय और स्नानघर बनाए जाएंगे, जिससे अर्धकुंभ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं मिल सकेंगी।

