Special Report By : Anita Tiwari , Dehradun

Historical Chandpur Garh देवभूमि उत्तराखंड घूमने का प्लान बना रहे हैं तो के चमोली जिले में चांदपुर गढ़ी ज़रूर आइयेगा अनगिनत कहानियां यहाँ आज भी अवशेषों में तरोताज़ा मिलती है। आज आपको हम जिस
इतिहास से रूबरू करा रहे हैं वो एक किले से जुड़ा है जिसके साथ जुडी है एक समृद्ध इतिहास की कहानी जो आज भी अपनी सुनहरी यादों के अवशेष के साथ मौजूद हैं. ये प्रदेश के 52 गढ़ों में से एक है…
Historical Chandpur Garh प्रदेश के 52 गढ़ों में से एक

- Historical Chandpur Garh चांदपुर उत्तराखंड की ऐतिहासिक जगहों में से एक है. प्रदेश के प्रमुख गढ़ों में से एक चांदपुर गढ़ी है, जिसके अतीत के सुनहरे दिनों के अवशेष आज भी मौजूद हैं. चमोली जिले में कर्णप्रयाग के निकट चांदपुर गढ़ी एक पहाड़ी पर स्थित है. सड़क से करीब 500 मीटर ऊपर जाकर आप चांदपुर गढ़ी पहुंच सकते हैं. यहां आज भी राजाओं के कमरे मौजूद हैं, साथ ही चबूतरे में एक मंदिर भी है.
Historical Chandpur Garh 52 गढ़ों में से एक चांदपुर गढ़ी

- Historical Chandpur Garh इतिहास के पन्नों पर नज़र डालें तो उत्तराखंड में आठवीं-नवीं शताब्दी में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल मची थी. गढ़वाल क्षेत्र में अनेक छोटे-छोटे राज्य बनने लगे थे और माना जाता है कि, इसी दौरान चांदपुर गढ़ी में भानुप्रताप नामक शासक के काल में धारानगर से आये कनकपाल नाम के एक राजकुमार ने भानुप्रताप की बेटी से शादी की और उसके बाद कनकपाल को चांदपुर का राज्य मिल गया. राजा कनकपाल को गढ़वाल के पंवार वंश का संस्थापक भी माना जाता है. भले ही शत प्रतिशत सही इतिहास जो भी रहा हो, लेकिन आज भी चांदपुर गढ़ी में मौजूद अवशेष बहुत कुछ बयां करते हैं. उत्तराखंड में 52 गढ़ हैं और उन्हीं में से एक चांदपुर गढ़ है.

Historical Chandpur Garh इस तरह है महल की संरचना
- Historical Chandpur Garh राजा कनकपाल ने आदिबद्री के निकट चांदपुर स्थित अपना गढ़ स्थापित किया जो आगे चलकर चांदपुर गढ़ के नाम से प्रसिद्ध हुआ. यह जगह सड़क से करीब एक किमी की ऊंचाई पर स्थित है. इस महल में अनेक प्रकार के हस्तलिपि, कलाचित्र के अवशेष व विष्णु का मंदिर भी स्थापित है. महल की संरचना अवशेष के साथ ही रसोई, स्नानघर व पुजाघर भी है. स्थानीय लोगों के अनुसार महल के एक हिस्से से सुरंग है, जो करीब 500 फीट नीचे है, जो नदी के किनारे मिलती है…


