History of Potato आलू को सब्जी का राजा कहा जाए, तो ये गलत नहीं होगा. भारत के हर घर की रसोई में आपको आलू मिल जाएगा. फ्रेंच फ्राई से लेकर सब्जी तक, आलू का इस्तेमाल कई व्यंदन बनाने में किया जाता है. भारत में इसकी पैदावार भी बहुत होती है. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जिस आलू को आप भारतीय समझते हैं, वो वास्तव में भारतीय है ही नहीं.
History of Potato दक्षिणी अमेरिकी में हुई आलू की खेती

आलू भारत का नहीं, बल्कि दूसरे देश से आया और भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय बन गया. History of Potato आज आपको आलू की इस दिलचस्प कहानी के बारे में बताते हैं कि आखिरकाल आलू भारत कैसे पहुंचा और सबसे पहले इसकी खेती किस देश में की गई.

History of Potato एक रिपोर्ट के अनुसार, 8,000 साल पहले दक्षिण अमरीका के एंडीज़ में आलू की खेती शुरू की गई थी. सन् 1500 के बाद इसे यूरोप लाया गया. बता दें कि अमरीका में इदाहो के किसान और इटली के लोग आलू पर उतना ही दावा करते हैं जितना कि पेरूवासी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16वीं शताब्दी तक आलू को पेरू के लोग जानते थे. पेरू की राजधानी लीमा के एक उपनगर में बनाए गए इस केंद्र में हजारों तरह के आलू के नमूने मिलते हैं.
भारत कैसे आया?

History of Potato दावा किया जाता है कि आलू की खेती कैरेबियन द्वीप पर शुरू हुई थी. तब आलू को कमाटा और बटाटा के नाम से जाना जाता था. 16वीं सदी में बटाटा स्पेन पहुंचा. वहां से यूरोप पहुंचने के बाद बटाटा का नाम पटोटो हो गया. एक रिपोर्ट के अनुसार, कोलंबस जब पूरी दुनिया की यात्रा पर निकला तब वह अपने साथ आलू को अलग-अलग महाद्वीपों तक लेकर गया. लेकिन ये दावा किया जाता है कि भारत में आलू पुर्तगाली और डच व्यापारियों ने अपने साथ लाए थे.
हालांकि, भारत में आलू को बढ़ावा देने का श्रेय वारेन हिस्टिंग्स को जाता है, जो 1772 से 1785 तक भारत के गर्वनर जनरल रहे थे. आज आलू चावल, गेंहू और मक्का के बाद दुनिया की चौथी सबसे अहम फसल बन गई है.
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