Holes in Human Body अगर आपसे यह पूछा जाए कि इंसान के शरीर में कितने छेद होते हैं? इस पर या तो आपको हंसी आएगी या फिर पहली नजर में यह सवाल ही बचकाना सा लगेगा. भला दुनिया में मौजूद तमाम बातों से इतर ये क्या बात हुई कि इंसानी शरीर में कितने छेद (Holes) होते हैं? लेकिन सवाल तो सवाल हैं. ब्रह्मांड में तैरते असंख्य सवालों में शामिल एक अदना सा सवाल और इसका जवाब भी है. अब खास बात यह है कि जवाब जितना आसान लगता है, उतना है नहीं. अधिकतर लोग तुरंत शरीर पर दिखने वाले छिद्रों को गिनना शुरू कर देते हैं और मुंह, नाक, कान… वगैरह गिनते हुए जल्दी ही एक निश्चित संख्या तक पहुंच जाते हैं.
मामला रोचक है आइए समझते हैं Holes in Human Body

मानव शरीर में मौजूद छेदों के सवाल पर हम फौरन बड़ी संख्या पर पहुंच जाते हैं. लेकिन असली जवाब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप ‘छेद’ को कैसे परिभाषित करते हैं. और जब इस सवाल में गणित, खासकर टोपोलॉजी (Topology) शामिल होती है, तो मामला कहीं ज़्यादा रोचक हो जाता है. टोपोलॉजी को आप ऐसे समझ सकते हैं कि यह मैथमेटिक्स की वह शाखा है, जिसमें किसी वस्तु या स्थान के एक दूसरे से जुड़े रहने की व्यवस्था परिभाषित होती है. यह शाखा आकृतियों और स्थान (Spaces) का अध्ययन करती है.
शरीर विज्ञान बनाम गणित की परिभाषा
शरीर रचना विज्ञान (Anatomy) के अनुसार मानव शरीर में कई तरह के खुले हिस्से होते हैं. इसमें मुंह, नाक, कान, आंखें, त्वचा के रोमछिद्र (Pores) और कई अन्य शामिल हैं. लेकिन गणितज्ञ, विशेषकर टोपोलॉजी के विशेषज्ञ ‘छेद’ की कहीं अधिक सख़्त परिभाषा अपनाते हैं. टोपोलॉजी के अनुसार छेद वही माना जाता है जो किसी वस्तु के आर-पार एक निरंतर सुरंग (Continuous tunnel) बनाए, जिससे कोई चीज़ बिना रुकावट एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ जा सके. इसका सबसे आसान उदाहरण डोनट (Doughnut) है, जिसमें एक ही छेद होता है

आखिर असली छेद कौन से हैं?
असली छेद वे हैं, जो खुले हिस्से शरीर के अंदर से बाहर तक एक पूरा रास्ता बनाते हैं, वही असली छेद माने जाते हैं. अब इसमें देखें तो पाचन तंत्र (Digestive Tract), मुंह से लेकर गुदा (Anus) तक एक निरंतर नली बनाता है. टोपोलॉजी के अनुसार यह एक ही छेद माना जाता है. नाक के दोनों नथुने मिलकर बाहरी दुनिया से नासिका गुहा और गले तक रास्ता बनाते हैं. इसे दूसरा छेद माना जाता है.

आंखों के आंसू मार्ग (Tear Ducts) के अनुसार आंखों के कोनों में मौजूद बेहद छोटे मार्ग आंसुओं को नाक की गुहा तक ले जाते हैं, जिससे अतिरिक्त छेद बनते हैं. इन सभी मार्गों को ध्यान से गिनने पर गणितज्ञ इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि मानव शरीर में कुल सात छेद होते हैं.महिलाओं के शरीर में एक छेद अधिक अधिक होता है. जैविक रूप से स्त्री शरीर में एक अतिरिक्त छेद होता है. योनि (Vagina), गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब्स के माध्यम से अंदर तक जुड़ी होती है और एक निरंतर मार्ग बनाती है. इस कारण स्त्री शरीर में कुल आठ छेद माने जाते हैं.

