hotel scandal होटल यौन कांड में आरोपी डिप्टी कमिश्नर बर्खास्त

hotel scandal  नोएडा में तैनात रही गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) महकमे की महिला अधिकारी के यौन उत्पीड़न के मामले में डिप्टी कमिश्नर को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने यह कार्रवाई 2018 में भोपाल में हुई घटना को लेकर विभागीय स्तर पर गठित जांच कमिटी की 37 पेज की रिपोर्ट आने के बाद की है। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद डिप्टी कमिश्नर पहले ही निलंबित हो चुके थे। साथ ही जेल की हवा भी खाई थी।

घटना अगस्त 2018 की है, जब नोएडा जीएसटी में तैनात एक महिला अधिकारी को डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर) ने काम के बहाने भोपाल बुलाया था। आरोप है कि 5 अगस्त की देर रात जहानुमा पैलेस होटल के कमरे में डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर) ने महिला अधिकारी के साथ गाली-गलौज की, हाथापाई की और यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। महिला अधिकारी ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत कमलानगर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने IPC की धारा 294, 323 और 376 के प्रयास के तहत केस दर्ज कर डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर) को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया था।

6 अगस्त 2018 को किया गया था निलंबित hotel scandal

गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 अगस्त 2018 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और साथ ही उत्तर प्रदेश शासन सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के तहत विभागीय जांच शुरू की गई। कई चरणों में साक्ष्य, बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की समीक्षा के बाद जांच समिति ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की, जिसमें उन पर लगे सभी आरोपों को सही पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने सबसे कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह विभागीय स्तर पर दी जाने वाली सबसे बड़ी सजा है।

महिला अधिकारी ने सरकार के फैसले पर जताया संतोष

अधिकारियों के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर) के खिलाफ चल रहा आपराधिक मुकदमा अभी न्यायालय में विचाराधीन है और वहां भी उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। उधर, पीड़ित महिला अधिकारी ने सरकार के इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “छह साल तक मैंने और मेरे परिवार ने कई तरह की बातें और तनाव झेला, लेकिन सच की जीत पर भरोसा नहीं छोड़ा। आज बर्खास्तगी की खबर ने साबित कर दिया कि न्याय मिलता है। यह फैसला सिर्फ मेरे लिए नहीं, उन सभी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो कार्यस्थल पर सुरक्षा चाहती हैं।”ये खबर मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। हम इनके तथ्यों की पुष्टि नहीं करते हैं।