Kalnemi फेसबुक दोस्त बना पति , हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

Kalnemi फेसबुक दोस्त निकला शातिर कालनेमी… लेकिन Dehradun Police  की शार्प नजरों से नहीं बच सका शातिर अपराधी बांग्लादेश से आकर देहरादून में कर रहा था क्लब में बाउंसर की नौकरी और साथ थी उसके देहरादून की रहने वाली उसकी तथाकथित पत्नी , जिसका खुलासा करते हुए एसएसपी अजय सिंह ने बताया की उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमि के चक्रव्यूह में अब ऐसे अपराधी गिरफ्त में आ रहे हैं जो न सिर्फ अपनी पहचान छुपा कर देवभूमि में रह रहे हैं बल्कि फर्जी अपना आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी तैयार कर लेते हैं और उनके चंगुल में फंस जाती है जाने अनजाने ऐसी ही लड़कियां …. लेकिन हैरानी की बात है इस बार फेसबुक के माध्यम से कालनेमि के चंगुल में फंसी कोई मासूम लड़की नहीं थी बल्कि वो शादीशुदा थी….आगे पढ़िए पूरा मामला

मुख्यमंत्री के ऑपरेशन कालनेमि में दून पुलिस का एक्शन Kalnemi 

 

आपरेशन कालनेमि के तहत 16 बांग्लादेशी नागरिको के विरूद्ध अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर चलाये जा रहे ऑपरेशन कॉलनेमी अभियान के तहत देहरादून के एसएसपी अजय सिंह द्वारा लगातार अवैध व फर्जी तरीके से नाम पता बदलकर जनपद में रह रहे व्यक्तियों के विरूद्ध सघन चैकिंग अभियान चलाकर लगातार कार्यवाही की जा रही है।इसी क्रम मे थाना नेहरूकॉलोनी तथा एल0आई0यू0 देहरादून को अवैध रूप से बार्डर क्रास कर भारत में आकर रह रहे एक बांग्लादेशी पुरूष के नेहरुकोलोनी क्षेत्र में एक महिला के साथ रहने की खबर मिली जिस पर पुलिस द्वारा दोनों संदिग्ध महिला व पुरूष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हिरासत में लिये गये व्यक्ति ने अपना असली नाम ममून हसन पुत्र मौ०अली यासीन निवासी मूल पता आनंदोवास थाना मुजीबनगर जिला मेहरपुर बांग्लादेश व महिला द्वारा अपना नाम रीना चौहान पुत्री श्री विश्वजीत सिंह निवासी ट्यूटार पोस्ट बिरनाद तहसील त्यूणी जनपद देहरादून बताया।

फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में अभियुक्ता की सहायता करने वाले कुछ लोग भी हैं पुलिस के रडार पर

सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्ता रीना ने बताया कि वह वर्तमान में ममून हसन के साथ अलकनंदा इन्क्लेव नेहरू कालोनी में किराये पर रह रही है व उसके द्वारा ममून हसन के भारत के फर्जी प्रमाण पत्र अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर बनाये गये हैं तथा वर्तमान में वह ममून हसन (सचिन चौहान) के साथ पति पत्नी के रूप में रह रहे हैं। अभियुक्त व अभियुक्ता द्वारा षडयंत्र कर भारत के फर्जी पहचान पत्र बनवाकर अवैध रूप से भारत में निवास करने पर अभियुक्त व अभियुक्ता के विरूद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर अन्तर्गत धारा 420/467/468/471/120 बी भादवि व धारा 3 पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 व 14 विदेशी अधिनियम पंजीकृत कर अभियुक्त व अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया है। जिनके कब्जे से फर्जी प्रमाण/पहचान पत्र व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये हैं। फर्जी पहचान पत्र बनवाने में अभियुक्त व अभियुक्ता की सहायता करने वाले भी पुलिस के रडार पर हैं। जिनके विरूद्ध भी पुलिस सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

9 बांग्लादेशी नागरिकों को किया जा चुका है डिपोर्ट ,7 बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत 

अभियुक्त द्वारा बताया गया कि अभियुक्ता से उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी, जिससे नजदीकियां बढने पर अभियुक्त 2019 में अभियुक्ता से मिलने टूरिस्ट वीजा पर बांग्लादेश से भारत आया तथा अभियुक्ता रीना से उसकी मुलाकात देहरादून में हुई। जहां अभियुक्त 02 माह तक अभियुक्ता रीना के साथ रहकर वीजा खत्म होने के उपरान्त बांग्लादेश वापस चला गया। इसके उपरान्त अभियुक्त पुन: इसी प्रकार वर्ष 2020 व 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया तथा कोरोना काल में वीजा समाप्ति के बाद वापस बांग्लादेश चला गया व रीना को भी अवैध रूप से बार्डर पार कराकर बाग्ंलादेश ले गया। जंहा दोनो द्वारा निकाह करना बताया गया व कुछ समय बाद अभियुक्त व अभियुक्ता अवैध रूप से बार्डर पार कर भारत वापस आकर देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराये पर पति पत्नी की तरह रहने लगे।

 

अभियुक्ता रीना द्वारा बताया गया कि वह त्यूणी/देहरादून की निवासी है व पूर्व मे उसका विवाह त्यूणी निवासी सचिन चौहान के साथ हुआ था व दोनो अलग रहने लगे व रीना की फेसबुक पर ममून से मुलाकात हुई व ममून रीना से मिलने वीजा लेकर भारत आया व दोनो साथ में देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराये पर साथ में रहे व उसके बाद दोनो बांग्लादेश गये। जहां पर निकाह करने के उपरान्त दोनो कुछ समय बाद अवैध रूप से बार्डर क्रास करके भारत आये व देहरादून में किराये पर अलग-अलग जगह रहने लगे। रीना ने अपने कुछ परिचितों की सहायता से ममून हसन के लिये अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम के फर्जी पहचान पत्र बनावाये व दोनो सचिन चौहान व रीना के नाम से पति-पत्नि की तरह साथ रहने लगे। ममून हसन देहरादून के क्लब में सचिन चौहान के नाम व पहचान पत्र से बाउंसर का काम कर रहा था।