Special Report By – Anita Tiwari , Dehradun

Kedarnath Disaster आज एक खौफनाक हादसे का वो मनहूस दिन है जिसको देवभूमि ही नहीं दुनिया याद कर सिंहर जाती है। केदारनाथ में 16 और 17 जून 2013 को आई भीषण आपदा के आज 9 साल पूरे हो गए हैं। आज 9 साल पूरे होने के बाद भी प्रलयकारी आपदा को याद कर परिजनों के आंसू नहीं थमते हैं। जो बच गए उनकी आंखों में वो सैलाब आज भी है जो इस आपदा के शिकार हुए उनके परिजन अब भी अपनों को याद कर रहे हैं। 9 साल बाद भी सरकारी आंकड़ों में 3,183 लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
Kedarnath Disaster 4700 तीर्थ यात्रियों के शव बरामद, 703 कंकाल बरामद

- Kedarnath Disaster उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में हर बार लाखों की संख्या में भक्त बाबा केदार के दर पर पहुंचते हैं। 2013 में भी हर साल की तरह भक्तों की भीड़ जुट रही थी। लेकिन 16 और 17 जून 2013 को आई भीषण आपदा ने एक ऐसी गहरी चोट दे दी कि कई परिवार आज भी इस आपदा को भुला नहीं पाए हैं। इस भीषण आपदा में यात्री और स्थानीय लोग गिरफ्त में आए। इनमें से कई आज भी लापता हैं। पुलिस के पास 3,886 गुमशुदगी दर्ज हुई जिसमें से विभिन्न सर्च अभियानों में 703 कंकाल बरामद किए गए। आज भी 3,183 लोगों को कोई पता नहीं है।

Kedarnath Disaster भीमशील के साथ ही हुई कई चमत्कार भी
- Kedarnath Disaster केदारपुरी में आई जलप्रलय से हर कोई सहम गया। जिसने भी तस्वीरें देखी लगा मानों जिदंगी ठहर गई। अंदाजा लगाना मुश्किल था कि हुआ क्या। जलप्रलय के दौरान मंदिर के पीछे कई बड़े-छोटे पत्थर आ रहे थे। इन सभी के साथ अत्यंत विशालकाय चट्टान भी आई जो मंदिर के थोड़ी सी पीछे ही रूक गई। जिसने मंदिर को बचा लिया। इस विशालकाय पत्थर को नाम दिया गया भीमशील। बाढ़ के दिन से कई महीनों तक मंदिर में कोई पूजा नहीं हुई। डोली को हेलीकॉप्टर के सहारे उखीमठ लाया गया। लेकिन जब बाढ़ गई तो शिवलिंग पर बेलपत्र मौजूद था। शिवलिंग का आधा भाग मलबे में इस तरह दबा था कि मानो शिव समाधि में लीन बैठे है।

- Kedarnath Disaster उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश शुरू हुई – 16 जून शाम को चौराबाड़ी ताल टूटने से मंदाकिनी में बाढ़ आने से केदारनाथ में मलबा भर गया। रामबाड़ा पूरी तरह तहस-नहस हो गया।17 जून-सुबह एक बार फिर चौराबाड़ी ताल से पहले से ज्यादा पानी और मलबा आया। केदारनाथ पूरी तरह तबाह हो गया। पूरी मंदाकिनी घाटी में तबाही हुई।
18 जून – पहली बार केदारनाथ और घाटी में तबाही की खबरें सामने आई।
19 जून – राहत और बचाव के कार्य शुरू किये गये।

- 16 और 17 जून 2013 को आई थी केदारनाथ में आपदा
आपदा में मारे गए थे 4700 तीर्थ यात्री
आज भी लापता 3,183
पुलिस को आई एफआईआर 1840
वैध एफ आई आर 1256
पुलिस के पास गुमशुदगी दर्ज 3,886
सर्च अभियानों में कंकाल बरामद 703

आपदा में नुकसान- - Kedarnath Disaster सरकारी आंकड़े 1853 पूर्ण क्षतिग्रस्त पक्के मकान
361 पूर्ण क्षतिग्रस्त कच्चे मकान
2349 बुरी तरह क्षतिग्रस्त पक्के भवन
340 बुरी तरह से टूटे कच्चे मकान
9808 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान
1656 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान
2162 सड़कें क्षतिग्रस्त
86 पुल (मोटर मार्ग व पैदल) टूटे
172 पुलिया ध्वस्त
3484 पेयजल लाइनें ध्वस्त
4515 गांव में बिजली आपूर्ति बाधित
13,844.34 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को नुकसान का आंकलन
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