Special Story By – Anita Tiwari , Uttarakhand

Cow Dung सऊदी अरब, कुवैत और कतर के वैज्ञानिकों ने भारतीय देशी गाय के गोबर को बेहद उपयोगी बताया है. इसी कड़ी में भारत में राजस्थान की प्रमुख गोशालाओं से गाय का गोबर इन तीनों देशों में भेजा जाएगा.पैगंबर मोहम्मद ( Prophet Mohammad) पर बयान को लेकर भड़के विवाद के बाद खाड़ी देशों ( Gulf Countries) से भारत के रिश्ते वापस मजबूत करने में गाय के गोबर ( Cow Dung) की अहम भूमिका होने वाली है. इस्लामिक मुल्क कुवैत ( Kuwait) ने भारत से गाय के 192 मीट्रिक टन ( 1 लाख 92 हजार किलो ) गोबर की मांग की है….
Cow Dung : अब गाय का गोबर से मज़बूत होगी दोस्ती

- कुवैत के एक वैज्ञानिक रिसर्च में पता चला है कि फसलों के लिए Cow Dung गाय का गोबर काफी बेहतर खाद है. इसके बाद भारत को इसके लिए आर्डर दे दिया गया. गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से गाय के गोबर पहली खेप कुवैत भेजी जाएगी.सहकारी स्तर पर हो रहा गोबर का निर्यातयह पहली बार है जब भारत को विदेश से गाय के गोबर के लिए ऑर्डर मिला है. इससे पहले भारत पशु उत्पादों में मांस और पशुओं के खाल के अलावा दूध और दूध के दूसरे उत्पादों का निर्यात करता रहा है. अब विदेशी वैज्ञानिक रिसर्चों में भी गाय के गोबर की गुणवत्ता को पुष्टि मिलने के बाद भारत को और कई देशों से इसके बड़े ऑर्डर्स मिल सकते हैं.

- सबसे बड़ी बात है कि Cow Dung गोबर का ये निर्यात सरकारी नहीं, बल्कि सहकारी स्तर पर हो रहा है. विदेशों में गोबर निर्यात करने की योजना के बारे में देश के लगभग सभी राज्यों से आगे बातचीत की जाएगी.कुवैत ने खजूर के फसल के लिए मंगवाया गोबरजानकारी के मुताबिक सऊदी अरब, कुवैत और कतर के वैज्ञानिकों ने भारतीय देशी गाय के गोबर को बेहद उपयोगी बताया है. इसी कड़ी में भारत में राजस्थान की प्रमुख गोशालाओं से गाय का गोबर इन तीनों देशों में भेजा जाएगा. कुवैत से ऑर्डर भेजने की शुरुआत हो रही है. कुवैत ने पाया है कि भारतीय गाय के गोबर के इस्तेमाल से खजूर के फसल का आकार और उत्पादन बढ़ता है. कुवैत में देशी गाय के गोबर का पाउडर के रूप में खजूर की फसल में इस्तेमाल किया जाएगा. इसलिए कुवैत ने पहली बार गाय के गोबर के लिए ऑर्डर दिया है.

- पेस्टीसाइड के चलते खाड़ी देशों के बाजार पर असरखाड़ी देशों में पेस्टीसाइड के कारण खजूर की फसल प्रभावित हो रही है. खाड़ी देशों के निर्यात होने वाले पेस्टीसाइड से स्थानीय लोगों के साथ अब यूरोपियन देश भी तौबा कर रहे हैं. इसकी वजह से खाड़ी देशों के बाजार पर भी असर हो रहा है. वैज्ञानिक रिसर्च में पाया गया कि पेस्टीसाइड को खत्म करने में Cow Dung गाय का गोबर सबसे ज्यादा कारगर है. गाय के गोबर में 0.5 से 0.6 फीसदी नाइट्रोजन, 0.25 से 0.3 फीसदी फास्फोरस 0.25 से 0.3 और पोटाश की मात्रा 0.5 से 1.0 फीसदी होता है. वहीं गोबर की खाद में कैल्शियम, मैग्नीशियम, गंधक, लोहा, मैंगनीज, तांबा और जस्ता आदि जमीन को उपजाऊ बनाने वाली तत्व भी पाए जाते हैं…
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