kutiya maharani mandir आपको जानकर हैरानी होगी कि सोशल मीडिया की आंधी में दौड़ रही डिजिटल इंडिया के गाँव आज भी अजीबोगरीब मान्यताओं के घिरे हैं। ये तो आप जानते ही हैं कि हमारे भारत देश में कई अनोखे देवी-देवताओं के मंदिर है| मगर आपने कभी ये नहीं सुना होगा कि एक ऐसा मंदिर भी है जहाँ पर कुतिया की पूजा होती है | चौंक गए न तो चलिए आज हम आपको उस कुतिया महारानी मंदिर के बारे में बताते है |
kutiya maharani mandir कुतिया महारानी मंदिर की रोचक आस्था

- kutiya maharani mandir बुंदेलखंड क्षेत्र के झाँसी से करीब 65 किलोमीटर दूर मऊरानीपुर नामक इलाके में रेवन और ककवारा गाँव स्थित है, जहाँ ये मंदिर बना हुआ है| इस मंदिर में काली कुतिया की मूर्ती स्थापित की गयी है| बताया जाता है कि इन दोनों गांवों में जब भी किसी आयोजन में खाना यानी पंगत हुआ करती थी, तो यह कुतिया वहां पहुंचकर पंगत खाती थी| एक दिन दोनों गाँवों में एक साथ एक ही दिन पंगत लगी हुई थी| पहले रेवन गाँव में रमतूला नामक वाद्य यंत्र बजाकर पंगत की घोषणा हुई तो कुतिया खाना खाने के लिए इस गाँव की और निकल पड़ी, मगर गाँव पहुंचने में उसे देरी हो गयी और यहाँ की पंगत ख़तम हो चुकी थी|

- kutiya maharani mandir इसके बाद ककवारा गाँव में पंगत की घोषणा हुई, तो कुतिया ककवारा की और निकल पड़ी| लेकिन, यहाँ पहुंचने में उसे बड़ी देर हो गयी थी, इसीलिए यहाँ भी पंगत का भोजन इसके नसीब नहीं हुआ| एक ही दिन में दोनों गाँवों के सफर ने कुतिया को बीमार कर दिया| भूख और बीमारी की वजह से इस कुतिया ने दोनों गावों के बीच अपने प्राण त्याग दिए| सुबह जब गाँव वालों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने कुतिया के शव को वहीँ पर दफना दिया| ऐसा कहा जाता है कि जिस जगह उस कुतिया को दफ़न किया गया था वो जगह पत्थर में बदल गयी | लोगों ने इसे चमत्कार माना और उसी स्थान पर इस मंदिर का निर्माण करा दिया| तब से यह मंदिर ‘कुतिया महारानी माँ’ के नाम से प्रसिद्द है|

kutiya maharani mandir - kutiya maharani mandir इस मंदिर पर आसपास के गाँवों की महिलाएं प्रतिदिन जल चढ़ाने आती है और यहाँ पूजा-अर्चना करती है| आबादी से दूर यह छोटा सा मंदिर वैसे तो सुनसान सड़क पर बना हुआ है, मगर यहाँ के लोगों में ‘कुतिया महारानी माँ’ के प्रति अपार श्रद्धा है| एक चबूतरे पर बने इस मंदिर में काले रंग की एक कुतिया की मूर्ति स्थापित की गयी है और इसे लोहे की जाली लगाई गयी है, जिससे कोई इस मूर्ति को नुकसान ना पंहुचा सके| यहाँ के लोगों का कहना है कि कुतिया का यह मंदिर श्रद्धा का केंद्र है, कुतिया महारानी उनकी हर मनोकामना पूरी करती है| दूर – दूर के गावों से लोग कुतिया महारानी की पूजा करने यहाँ आते है|
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