Story By : Anita Tiwari , Dehradun

LAST RITES OF COCK ये भारत है , यहाँ इंसान जानवरों से भी टूट कर प्यार करता है। अक्सर आप कुत्ते , बिल्ली , गाय और बंदरों से इंसान के लगाव की कहानी देखते सुनते होंगे लेकिन क्या आपने प्यारे मुर्गे की मौत पर शानदार दावत की खबर सुनी हैं ? अब तक किसी इंसान की मौत होने पर तेरहवीं का कार्यक्रम होते देखा या सुना होगा, मगर यूपी के प्रतापगढ़ में तेरहवीं कार्यक्रम का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है.
LAST RITES OF COCK प्यारे मुर्गे की मौत पर शानदार दावत

- प्रतापगढ़ में मुर्गे की मौत के बाद जब उसके मालिक ने उसका अंतिम संस्कार कर तेरहवीं के भोज का आयोजन किया तो इलाके के सभी लोग हैरान रह गए. मुर्गे का नाम लाली था, जिसकी मौत के बाद विधिवत उसका 13 दिन में तेरहवीं का कार्यक्रम हुआ और मालिक ने 500 ग्रामीणों को दावत की…

- LAST RITES OF COCK मामला प्रतापगढ़ जिला के फतनपुर थानाक्षेत्र के बेहदौल कला गांव का है, जहां डॉ. शालिकराम सरोज अपना क्लीनिक चलाते हैं. घर पर उन्होंने बकरी और एक मुर्गा पाल रखा है. मुर्गे से पूरा परिवार इतना प्यार करने लगा था कि उसका नाम लाली रख दिया. 8 जुलाई को एक कुत्ते ने डॉ. शालिकराम की बकरी के बच्चे पर हमला कर दिया. यह देख लाली कुत्ते से भिड़ गया. बकरी का बच्चा तो बच गया मगर लाली खुद कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया और इसके बाद 9 जुलाई की शाम लाली ने दम तोड़ दिया.

- LAST RITES OF COCK मुर्गे की मौत के बाद घर के पास ही उसका शव दफना दिया गया. यहां तक सब सामान्य था मगर जब डॉ. शालिकराम ने रीति-रिवाज के मुताबिक मुर्गे की तेरहवीं की घोषणा की तो लोग चौंक उठे. इसके बाद अंतिम संस्कार के कर्मकांड होने लगे. सिर मुंडाने से लेकर अन्य कर्मकांड पूरे किए गए. बुधवार सुबह से ही हलवाई तेरहवीं का भोजन तैयार करने में जुट गए. शाम छह बजे से रात करीब दस बजे तक 500 से अधिक लोगों ने तेरहवीं में पहुंचकर खाना खाया. इसकी चर्चा दूसरे दिन भी इलाके में बनी रही…
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