Mannat And Roshani Library किताबों से दूर होती युवा पीढ़ी को एक बार फिर उसके करीब लाने की कोशिश प्रयागराज की दो बहनों ने किया है। मन्नत और रोशनी ने युवाओं के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था की है। यहां पढ़ाई के लिए किताबों की उपलब्धता करा रही हैं। उनके इस प्रयास की अब हर तरफ तारीफ हो रही है। युवाओं को किताबों की भूख और कुछ नया जानने की जिज्ञासा का यहां समाधान हो रहा है। कुछ लोग तो कहते हैं कि करियर की मन्नत है तो ये लाइब्रेरी आपको रोशनी दिखाएगी।
Mannat And Roshani Library मन्नत और रोशनी ने लाइब्रेरी की व्यवस्था की

- Mannat And Roshani Library प्रयागराज की दो सगी बहनें मन्नत और रोशनी युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर चलना सिखा रही हैं। इस प्रकार की सोच रखने वाले युवओं के लिए मिसाल या यूं कहें तो पथ-प्रदर्शक बन गई हैं। ये लोगों को पठन-पाठन से जोड़ने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ रोजगार के विकल्प भी सुझा रही हैं। चकिया मोहल्ले में रहने वाली मन्नत और रोशनी के पिता अब्दुल शहीद एयरफोर्स में सैनिक हैं। बीबीए करने के बाद कानून की पढ़ाई कर रहीं मन्नत और शिक्षाशास्त्र से एमए कर चुकीं रोशनी प्रतियोगी परीक्षार्थियों को पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रही हैं। इसके साथ-साथ लाइब्रेरी स्थापित कर दोनों बहनों ने युवाओं को किताबें भी उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं। संगमनगरी प्रयागराज की यह लाइब्रेरी अब चर्चा के केंद्र में आ गई है।

Mannat And Roshani Library Mannat And Roshani Library अब तक 102 रजिस्टर्ड छात्र
- Mannat And Roshani Library लाइब्रेरी में अब तक 102 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बहनों का कहना है कि पुस्तकालय में पढ़ाकूवीरों के लिए सभी प्रकार के इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे अधिक यहां पर माहौल को शांत रखने पर जोर है। पढ़ाई के समय में आप यहां सुई गिरने की आवाज भी सुन सकते हैं। बहनों ने बताया कि लाइब्रेरी में दो दिव्यांग और 20 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्र रजिस्टर्ड हैं। इनसे फीस नहीं ली जाती है। सुबह 6 से रात 10.30 बजे तक यह छात्रों के लिए खुला रहता है। फ्री वाई-फाई की सुविधा भी यहां दी गई है।लाइब्रेरी में किताबों के बारे में इन बहनों ने बताया कि यहां एनसीईआरटी, एसएससी, एनडीए, सीडीएस, एलएलबी, टेट, सीटेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से किताबों की व्यवस्था की गई है।
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