meditation in coffin आमतौर पर कॉफिन बॉक्स यानी ताबूत के अंदर मरे हुए लोगों को ही रखा जाता है और फिर उन्हें दफना दिया जाता है, लेकिन जापान में इन दिनों लोग एक बड़ी ही अजीबोगरीब प्रथा को फॉलो कर रहे हैं, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है. दरअसल, जापान के चिबा प्रांत में एक अंतिम संस्कार गृह (फ्यूनरल होम) द्वारा शुरू की गई ये अनोखी प्रथा अब जापान के शांति चाहने वाले लोगों के बीच एक चलन में बदल गई है. इसे ताबूत के अंदर ध्यान करने की प्रथा कहा जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये लोगों को अपनी मौत के बारे में सोचने या बस खुद को तरोताजा करने के लिए एक सुरक्षित, लेकिन कुछ हद तक घुटन भरी जगह है.
ये क्या है…! ताबूत के अंदर मेडिटेशन meditation in coffin

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के युवाओं में आत्महत्या की दर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के साथ ही शवों को ताबूत में लिटाने की प्रथा भी बढ़ गई है , जिससे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे क्रिएटिव तरीके अपनाने पड़ रहे हैं. ये अनोखा बिजनेस करने वाले बिजनेसमैन का कहना है कि इस प्रकार का ध्यान उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने मन को शांत करने के लिए अकेले समय बिताना चाहते हैं.
मार्केट में डिजाइनर ताबूत भी उपलब्ध
जापान में ये चलन अब आधिकारिक तौर पर इतना बड़ा हो गया है कि अलग-अलग व्यक्तित्वों के अनुसार ताबूतों के अलग-अलग विकल्प भी मार्केट में उपलब्ध हैं. अगर किसी को एक साधारण सा लकड़ी का बॉक्स दिमाग को शांत नहीं करता है, तो हो सकता है कि उसे टोक्यो के हाल ही में खुले स्पा, मीसो कुकान कानोके-इन में मौजूद ‘खूबसूरत ताबूत’ अधिक सुकून देने वाले लगें. दावा किया जा रहा है कि ग्रेव टोक्यो नामक कंपनी द्वारा डिजाइन किए गए और रंग-बिरंगे ढंग से सजाए गए ये ताबूत लोगों को सुकून देने का काम कर रहे हैं.

30 मिनट के सेशन के 13 डॉलर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राहकों के पास ये विकल्प होता है कि वो अपने 13 डॉलर के 30 मिनट के सेशन को कैसे पूरा करना चाहते हैं. स्वाभाविक रूप से खुले या बंद ताबूत का विकल्प तो होता ही है, लेकिन वो ताबूत के अंदर म्यूजिक सुनकर, वीडियो देखकर या पूर्ण मौन का विकल्प भी चुन सकते हैं. टोक्यो के मशहूर डिजाइनर ताबूत बनाने वाले मिकाको फ्यूज का कहना है कि अंत्येष्टि से जुड़ी वस्तुओं के प्रति उनका कल्पनाशील दृष्टिकोण लोगों को यह समझने में मदद करता है कि ‘मृत्यु उज्ज्वल है और उतनी डरावनी नहीं है’, लेकिन इसका उद्देश्य यह याद दिलाना भी है कि जीवन आखिर जीने लायक क्यों है.
कैसा है कॉफिन एक्सपीरियंस ?
मिकाको फ्यूज ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘मैंने कई लोगों को देखा है जिन्होंने ग्रेव टोक्यो के कॉफिन एक्सपीरियंस में भाग लिया है और उनके मन में मौत के विचार कम हुए हैं या उनसे राहत मिली है. जिस मृत्यु को पलटा नहीं जा सकता, उसे चुनने से पहले, मैं चाहता हूं कि वो उस मृत्यु का अनुभव करें जिसे पलटा जा सकता है’

