Court of Ghosts: उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मंदिर है जहां नवरात्रि के नौ दिनों में भूतों का मेला लगता है. इस मेले में उत्तर प्रदेश ही नहीं, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के लोग अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का प्रसाद पाने भर से ही उनकी समस्याओं का समाधान हो जाता है. हम किसी अंधविश्वास का समर्थन तो नहीं करते, लेकिन यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि यहां का प्रसाद कुष्ठ जैसे आसाध्य चर्म रोगों में भी रामबाण की तरह काम करता है.
हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मनियर कस्बा स्थित नवका बाबा मंदिर की. बुधवार की सुबह इस मंदिर में 300 से अधिक लोग पहुंचे थे. इनमें से 25 से अधिक लोग तो ऐसे थे जो मंदिर परिसर में भूत खेल रहे थे. पुजारी चंद्रमा उपाध्याय कहते हैं इस मंदिर का इतिहास किसी को नहीं पता. उन्हें बस इतनी जानकारी है कि उनके पुरखे भी यहां पुजारी रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में हर साल दोनों नवरात्रि में भक्तों का जमावड़ा होता है.
यहां सबसे ज्यादा भक्त बिहार, बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से आते हैं. यहां आने वाले ज्यादातर भक्त खासतौर पर प्रेत बाधा या चर्म रोग से पीड़ित होते हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी बाबा के दरबार में आते हैं, जिनका वंश नहीं चल रहा होता है. उन्होंने बताया कि इस तरह के समस्याओं के समाधान की परंपरा यहां कब से शुरू हुई, उन्हें नहीं पता.
जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर है स्थान
लेकिन वह इतना जानते हैं कि लोग बड़े उम्मीद के साथ इस मंदिर में आते हैं और स्नान के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं. वहीं उनकी मनौती पूरी होने के बाद वह भक्त दोबारा बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं. जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर स्थित मनियर कस्बे में इस स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के सभी नौ दिनों में भूतों का मेला(Court of Ghosts) लगता है. दूर दूर से लोग आकर यहां भूत खेलते हैं. बिहार से चलकर यहां पहुंची चंपा देवी कहती हैं कि वह बीते 45 साल से बाबा के दरबार में आती हैं.
Court of Ghosts: दूर दूर से आकर खेलते हैं लोग
चंपा देवी के मुताबिक उनके ऊपर देवी की कृपा है और हर नवरात्रि में उनके ऊपर आती हैं. नवरात्रि के दौरान वह यहां पर खेलती हैं और इस दौरान जिसके भी पीठ पर वह हाथ रख देती हैं, उसकी असाध्य बीमारियां भी दूर हो जाती हैं. लोग यहीं से ठीक होकर अपने घर लौटते हैं. इसी प्रकार गोरखपुर से आए रामस्वरूप कहते हैं कि वह बाबा के दरबार में 15-20 साल से आ रहे हैं. उनके ऊपर भी देवी की कृपा होती है और वह यहां आकर खेलते हैं.