POCSO Case Uttarakhand स्कूल में मुलाकात, 1 साल पहले मंदिर में शादी… अब 14 साल की लड़की बनी मां, उत्तराखंड में नाबालिग पर लगा POCSO जी हाँ उत्तराखंड में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पिथौरागढ़ में महज 14 साल की लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। पुलिस ने आरोपी लड़के के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डॉक्टरों ने एहतियातन अल्ट्रासाउंड जांच कराई, जिसमें सामने आया कि किशोरी आठ महीने की गर्भवती है. इसके बाद सोमवार 13 अप्रैल की शाम उसने बच्चे को जन्म दिया.
नवजात शिशु के पिता के खिलाफ FIR दर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में एक 14 साल की लड़की ने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद नवजात शिशु के पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी. जिले में जरूरतमंद बच्चों की देखभाल के लिए जिम्मेदार राज्य सरकार की संस्था, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एल एस खाती ने बताया कि गर्भवती लड़की को प्रसव पीड़ा हो रही थी. अभिभावक होने के नाते समिति ने आवश्यक सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए, डॉक्टरों को ऑपरेशन करने की अनुमति मिल गई

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में गत सोमवार को जिला अस्पताल में एक 14 साल की लड़की ने बच्चे को जन्म दिया। लड़का और लड़की दोनों मूल रूप से मुनस्यारी के रहने वाले हैं। दोनों की मुलाकात स्कूल में हुई थी। पिछले साल ही दोनों ने एक मंदिर में शादी की थी। इसके बाद दोनों पुणे में जाकर रहने लगे। वहीं लड़के ने एक प्राइवेट कंपनी में काम शुरू कर दिया। प्रसव पीड़ा होने पर ससुराल वाले लड़की को हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। मामले में पुलिस ने बताया कि POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में एक 14 वर्षीय लड़की ने बेटे को जन्म दिया
जानकारी के अनुसार, आरोपी लड़का अभी पुणे में ही है। मुनस्यारी वापस नहीं लौटा है। लड़की के पिता पुणे में गार्ड के रूप में काम करते हैं। लड़की की मां परिवार छोड़कर चली गई थी। वह मुनस्यारी में अपनी सौतेली मां के साथ रह रही थी। शादी के बाद पुणे चली गई थी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती ने कहा कि हमें सोमवार को इस मामले की जानकारी मिली और हम अस्पताल में बच्ची की हालत पर नजर रख रहे हैं। उसकी देखभाल के लिए व्यवस्था कर दी गई है। खबर मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

जानकारी के अनुसार, नाबालिग का पारिवारिक माहौल लंबे समय से अस्थिर रहा है. करीब चार साल पहले उसकी मां ने दूसरा विवाह कर लिया था, जबकि उसके पिता ने भी बाद में दूसरा विवाह कर लिया. ऐसे में किशोरी की देखरेख पर खास ध्यान नहीं दिया जा सका. इसी दौरान वह एक युवक के संपर्क में आई और भावनात्मक सहारे की तलाश में उसके साथ पुणे चली गई. गर्भवती होने के बाद युवक उसे उसके गृह क्षेत्र मुनस्यारी छोड़कर चला गया.

