Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun
Prime Minister Museum पीएम संग्रहालय भारत के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान के निर्माण तक की कहानी बताएगा। इस संग्रहालय में देश के सभी 14 पूर्व प्रधानमंत्रियों की यादों को सहेजा गया है। प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन पीएम मोदी द्वारा आज किया जा रहा है।

Prime Minister Museum जानिए भारतीय राजनीति का गौरवशाली इतिहास
- Prime Minister Museum देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के आवास तीन मूर्ति भवन में बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का आज यानी 14 अप्रैल को उद्घाटन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे राष्ट्र को समर्पित करने जा रहे हैं। उद्घाटन से पहले इसकी कुछ खास तस्वीरें सामने आई है। इसमेंखास है वो पिक्चर जिसमें पं. नेहरू की तस्वीर के सामने PM मोदी की फोटो दिख रही है

- प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव और नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी की कार्यकारी परिषद के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ में पंडित नेहरू को संस्थान निर्माता के तौर पर दर्शाया गया है। Prime Minister Museum यहां नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक सारे प्रधानमंत्रियों के जीवन, कार्यों और देश के प्रति उनके योगदान को दर्शाया गया है। अब तक यहां सिर्फ नेहरू से जुड़ी यादें थीं

- तीन मूर्ति भवन के 45 एकड़ अहाते में बना भव्य प्रधानमंत्री संग्रहालय आजाद भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की पूरी कहानी लेकर तैयार है। जिस तीन मूर्ति भवन में अब तक पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से जुड़ी यादों का संग्रहालय था, अब वहां देश के सभी प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, बाबा साहेब आंबेडकर और जय प्रकाश नारायण (JP) के व्यक्तित्व और कृतित्व को पेश किया गया है।

- एमजे अकबर ने लिखी कहानियां
करीब 271 करोड़ रुपए लागत से बने संग्रहालय में प्रधानमंत्रियों की कहानी का लेखन मशहूर पत्रकार और पूर्व विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने किया है। मी-टू विवाद में अकबर को मंत्री पद गंवाना पड़ा था। संयोग यह है कि 2018 में जब Prime Minister Museum संग्रहालय बनाने का फैसला हुआ, उसी साल मी-टू मूवमेंट में अकबर का नाम आया था। इसके चलते अक्टूबर 2018 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
Prime Minister Museum कई बार टला उद्घाटन
- 10 हजार वर्ग मीटर में बने तीन मंजिला संग्रहालय में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से नेताओं के जीवन, भाषणों और कृतित्व को उकेरा गया है। संग्रहालय का उद्घाटन कई बार टल चुका है। पहले अटल जी की जयंती 25 दिसंबर और फिर 26 जनवरी को खोला जाना था। अब 14 अप्रैल की तारीख को इसका शुभारंभ तय हुआ है।

- इंदिरा, शास्त्री, राजीव को मिली ज्यादा जगह
म्यूजियम में हर प्रधानमंत्री को बराबरी का सम्मान दिया गया है। Prime Minister Museum इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, राजीव गांधी व अटल बिहारी वाजपेयी को ज्यादा जगह मिली है। उदारीकरण के लिए नरसिंहराव और मनमोहन सिंह का प्रशस्ति गान है। वाजपेयी को परमाणु पुरुष के रूप में पेश किया गया है। यहां पोकरण परमाणु परीक्षण विशेष आकर्षण है।

Prime Minister Museum बनाने का कांग्रेस ने किया था विरोध
- जुलाई 2018 में जब यहां म्यूजियम बनाने की घोषणा की गई थी तब कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया था। तब तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया था कि म्यूजियम बनाने का उद्देश्य 17 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे नेहरू की विरासत को कम करना नहीं है।

- नेहरू का आवास था तीन मूर्ति भवन
तीन मूर्ति भवन में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का आवास था। उनके बाद में उनकी स्मृति में इसे संग्रहालय के रूप में बदल दिया गया है। उनके जीवन की झलक आज भी यहां उनके छाया-चित्रों में देखी जा सकती है। सीढ़ीनुमा गुलाब उद्यान एवं एक दूरबीन यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। इसी गुलाब उद्यान से नेहरु जी अपनी शेरवानी का गुलाब चुना करते थे।। Prime Minister Museum प्रधानमंत्री संग्रहालय में सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यों को दिखाया गया है। पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी के लिए उनके परिवारों से भी संपर्क किया गया था।

- Prime Minister Museum संग्रहालय में महत्वपूर्ण पत्राचार, कुछ व्यक्तिगत वस्तुओं, उपहार और यादगार वस्तुएं, सम्मान, पदक, स्मारक टिकट, सिक्के आदि भी प्रदर्शित किए गए हैं। दूरदर्शन, फिल्म डिवीजन, संसद टीवी, रक्षा मंत्रालय, मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी), प्रिंट मीडिया, विदेशी समाचार एजेंसियों, विदेश मंत्रालय आदि संस्थानों के माध्यम से जानकारी एकत्र की गई।
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