Review of Ministers Work सरकार ने अपने मंत्रियों का कामकाज परख लिया है। कौन कितनी गंभीरता से मंत्रालय और फाइलें निपटा रहा है सबकी कुंडली सरकार की मेज़ पर मौजूद है। लेकिन जो खबर आ रही है वो मंत्रियों के लिए कहीं से अच्छी नहीं कही जा सकती है। जी हाँ कई मंत्रियों के कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है और कई निपटाए जाने की आशंका से परेशान भी हैं।
Review of Ministers Work : कई मंत्री निपटेंगे

Review of Ministers Work केंद्रीय कैबिनेट का जल्द विस्तार होगा. मोदी सरकार के मंत्रियों के काम काज की समीक्षा हो रही है. खबर है कि खराब रिपोर्ट कार्ड वाले मंत्रियों पर गाज गिरेगी. नेतृत्व कई मंत्रियों के काम काज से संतुष्ट नहीं है. केंद्र सरकार के काम काज को मंत्रालय ने कितना जमीन पर उतारा है, इसका जायजा लिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को भी कैबिनेट में जगह मिलेगी. दो मंत्री पद मिलेंगे. केंद्र सरकार के दर्जन भर मंत्रियों के परिवर्तन के आसार हैं. कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं. सूत्रों से ये जानकारी सामने आई है..
Review of Ministers Work पिछले साल किया था मंत्रिमंडल का विस्तार

- Review of Ministers Work पिछले साल जुलाई में पीएम मोदी ने कैबिनेट विस्तार किया था. 2019 में दोबारा सत्ता में आने के बाद ये पहला मंत्रिमंडल का विस्तार था. इसमें 43 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया, सर्बानंद सोनोवाल समेत 36 नए चेहरे थे, जबकि 7 मौजूदा मंत्री थे. मनसुख मंडाविया को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था, जबकि सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया था. तब रविशंकर प्रसाद, हर्षवर्धन और प्रकाश जावड़ेकर को कैबिनेट से हटाया गया था.43 में से 15 मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली, जबकि 28 को राज्य मंत्री बनाया गया. सिंधिया, सोनोवाल, अनुराग ठाकुर, किरण रिजीजू और हरदीप पुरी कैबिनेट मंत्री बने. वहीं मीनाक्षी लेखी, पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल आदि राज्य मंत्री बनीं.

Review of Ministers Work हाल में 2 मंत्रियों का इस्तीफा
- Review of Ministers Work हाल ही में मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है. दोनों का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो गया था और वो किसी सदन के सदस्य नहीं थे. ऐसे में दोनों को मंत्री पद छोड़ना पड़ा. दोनों के मंत्रालय स्मृति ईरानी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिए गए. ईरानी को नकवी से अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय मिला, जबकि सिंधिया को इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली.मोदी सरकार को केंद्र में 8 साल से ज्यादा का समय हो गया है. बीजेपी को 2019 में 2014 से भी बड़ी जीत मिली थी. 2014 में पार्टी को 282 सीटें मिली थीं, जो कि बहुमत से ज्यादा थीं. वहीं 2019 में पार्टी ने 303 सीटें जीतीं. पार्टी ने इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में सत्ता में वापसी की है…
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