Right To Leave : हॉलिडे-होमवर्क के खिलाफ 9वीं के स्टूडेंट का धरना , 1 Reality

Right To Leave गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं , ये एक ऐसा समय होता है जब स्टूडेंट्स को भर भर के हॉलिडे होमवर्क मिलता है और पूरा हॉलिडे का मज़ा इस टेंशन में गुज़र जाता है कि होम वर्क निपटाना है। पैरेंट्स भी काफी तनाव में इन छुट्टियों को बिताते हैं मतलब मज़ा और तनाव साथ साथ। छुट्‌टी होते ही बच्चों को इतना काम दे दिया जाता है कि वह अवकाश को एंजॉय नहीं कर पाता। ऐसे में एक स्टूडेंट धरने पर बैठ गया वो भी हॉलिडे होमवर्क के खिलाफ

Right To Leave यह कुप्रथा है, बचपन पर कलंक है

Right To Leave
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Right To Leave झुंझुनूं के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले 14 साल के स्टूडेंट प्रांजल ने हॉलिडे होमवर्क का विरोध किया है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। धरने के दौरान उसने होमवर्क भी किया। स्टूडेंट की इस मांग का समर्थन उसकी मां अनामिका ने भी किया है। अनामिका फूड इंस्पेक्टर हैं। प्रांजल का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए अवकाश जरूरी है। अवकाश शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। बच्चों के लिए तो अवकाश बहुत ही जरूरी है। ताकि बच्चे खेल सकें। अपनी अभिरुचि में पार्टिसिपेट कर सकें। इससे बच्चों का सही विकास होगा।

Right To Leave
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Right To Leave छात्र की मां अनामिका भी उसके साथ धरने पर मौजूद रहीं। अनामिका फूड डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर हैं। अनामिका ने कहा- बच्चे के इस धरना प्रदर्शन में मैं उसके साथ हूं। एक साल से यह बच्चा हर सक्षम स्तर पर अपनी बात लिखकर दे रहा है। वहां जहां नीति निर्माण होते हैं। एसीईआरटी के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र लिख चुका है। इस बारे में कई बार रिमाइंडर मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री तक को दिया जा चुका है। उसमें कहा गया है कि बच्चों के लिए हॉलिडे होमवर्क तकलीफदेह होता है।

Right To Leave उन्होंने कहा- जैसे पहले यह कुप्रथा थी कि बच्चे को जितना मारा-पीटा जाए वह पढ़ाई में अच्छा होगा। लेकिन अब इस पर कानून बन चुका है। बच्चे की पिटाई नहीं की जा सकती। इसी तरह का कानून हॉलिडे होमवर्क को लेकर भी बनना चाहिए। अब तक जितनी भी रिसर्च हुई है उनमें सामने आया है कि अवकाश के बाद बच्चा ज्यादा अच्छी तैयारी कर पाता है। वह अधिक सामाजिक होता है। बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए अवकाश जरूरी है। बच्चे की मेमोरी पर भी सकारात्मक असर होता है।

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