देहरादून से अनीता आशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Satpal Maharaj Rudraprayag उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा जनपद के क्रौंच पर्वत में स्थित कार्तिकेय स्वामी मंदिर में भव्य 108 बालमपुरी शंख पूजा व हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर जनपद के क्रौंच पर्वत में स्थित कार्तिकेय स्वामी मंदिर में भव्य 108 बालमपुरी शंख पूजा व हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सतपाल महाराज ने दक्षिण भारत से आए शिवाचार्य व गुरुजनों के साथ पूजा अर्चना कर प्रतिभाग कर रहे लोगों एवं दक्षिण भारत से आये अतिथियों का स्वागत किया
Satpal Maharaj Rudraprayag क्रौंच पर्वत स्थित मंदिर में हुई 108 बालमपुरी शंख पूज

Satpal Maharaj Rudraprayag कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि पृथ्वी की परिक्रमा करने के बाद कार्तिकेय स्वामी यहां पर पहुंचे तो गणेश को श्रेष्ठ पद दिया गया है जिसके बाद कार्तिकेय ने अपनी माँ पार्वती से नाराज होकर यहाँ पर तपस्या की। उन्होंने कहा कि इसके बाद कार्तिकेय दक्षिण भारत को चले गए। जहां उनकी मुरगन स्वामी के नाम से विशेष रूप से आराधना की जाती है। उन्होंने कार्तिक स्वामी मंदिर व कार्तिकेय स्वामी के जीवन के बारे में विस्तार से बताया।

Satpal Maharaj Rudraprayag कार्तिकेय स्वामी मंदिर उत्तर भारत का एकमात्र मंदिर
Satpal Maharaj Rudraprayag प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तर भारत का यह कार्तिकेय स्वामी का एकमात्र मंदिर है। उन्होंने कहा कि अगस्त्यमुनि के अगस्त्य ऋषि, कार्तिकेय स्वामी मंदिर व अनसूया मंदिर को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा तथा पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्तिकेय स्वामी मंदिर के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कार्तिकेय मंदिर को पर्यटन के मानचित्र पर उभरकर आए इसके लिए पर्यटन की दृष्टि से इसे विकसित किया जाएगा।
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