Road Repair Deadline हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं – CM

Road Repair Deadline मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों (District Magistrates) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर विकास कार्यों, जनसमस्याओं के निवारण, स्वास्थ्य-शिक्षा सेवाओं और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

15 अक्टूबर तक गड्ढा-मुक्त हों सड़कें – धामी Road Repair Deadline

प्रदेश में बारिश और अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त एवं निर्माणाधीन सड़कों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग (सघन निगरानी) की जाए।15 अक्टूबर तक राज्य की सभी बदहाल और क्षतिग्रस्त सड़कों को अनिवार्य रूप से दुरुस्त किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।जनसमस्याओं के निवारण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की समस्या का समाधान करना है।


CM Helpline 1905 पर आने वाली शिकायतों का केवल कागजी या औपचारिक निस्तारण न किया जाए।समाधान ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो।जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी, लापरवाही या टालमटोल रवैये पर संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दो प्रमुख मोर्चों पर विशेष ध्यान देने को कहा:

सघन सत्यापन अभियान: सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाई जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नज़र रखी जाए।

ड्रग्स सप्लाई चेन पर प्रहार: नशा मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने के लिए नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। इसके साथ ही युवाओं के बीच व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

24×7 अलर्ट मोड पर रहे प्रशासन Road Repair Deadline

मौसम के रुख और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला आपदा प्रबंधन तंत्र चौबीसों घंटे (24×7) सतर्क रहे और किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स (Quick Response) सुनिश्चित किया जाए ताकि जान-माल का कम से कम नुकसान हो।