Special Story By : Anita Tiwari

Uttarakhand BJP News प्रदेश में उन विधायकों , नेताओं की किस्मत पलटने वाली है जो लम्बे समय से दायित्व और ओहदेदार बनने की राह तक रहे थे। बात प्रदेश के तीन चर्चित चेहरों से शुरू करते हैं जिन्होंने बीते कुछ समय पहले बीजेपी ज्वाइन की थी लेकिन अभी गुमनाम से हैं। कांग्रेस से भाजपा में गए विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय हों , निर्दलीय से भाजपा विधायक बने प्रीतम सिंह पंवार हों या आप के सीएम फेस रहे कर्नल अजय कोठियाल हों सबकी नज़र इन ख़ास चेहरों पर है कि क्या जब मुख्यमंत्री धामी दायित्व का पिटारा खोलेंगे तो उसमें इन अहम किरदारों के हिस्से क्या आएगा ?
Uttarakhand BJP News प्रदेश में 100 से ज्यादा दावेदार

- Uttarakhand BJP News इसके अलावा तमाम ऐसे बड़े नेता हैं जिनके अपने समर्थक और खेमे में बड़े नाम शामिल हैं ऐसे में क्या पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ,. तीरथ .. निशंक .. खंडूरी … बलूनी …. मदन और खुद सीएम धामी के अनगिनत ऐसे समर्थक हैं जो अब ओहदों का इंतज़ार है। ऐसे में लिस्ट तो बहुत लम्बी हो सकती है लेकिन जिस तरह का तेवर सीएम धामी का दिखता है उसको देखते हुए कहा जा सकता है कि नाम कम लेकिन बहुत परखे हुए हो सकते हैं। दूसरी पार्टियों से आये नेताओं विधायकों को उनकी काबिलियत के मुताबिक इसमें शामिल किया जा सकता है।
Uttarakhand BJP News किसको मिलेगा ताज कौन होगा लाचार

- Uttarakhand BJP News दावा है कि ऐसे दायित्वधारियों के लिए 100 से ज्यादा लोगों की चर्चा है। इस बार दायित्व के लिए दर्जनभर से अधिक सीनियर विधायक भी लाइन में हैं जो कि कैबिनेट में जगह पाने में असफल रहे। इनमें बंशीधर भगत, विशन सिंह चुफाल, विनोद चमोली, अरविंद पांडेय, विनोद कंडारी, प्रीतम पंवार, मुन्ना सिंह चौहान, सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काउ, खजानदास समेत कई अन्य विधायक भी रेस में है। जिन्हें प्रमुख आयोग या निगम की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों को भी दायित्व की आस जगी हुई है। जिन पर मुख्यमंत्री को जल्द ही फैसला लेना होगा।

- Uttarakhand BJP News संगठन के साथ समन्वय बनाने को जरुरी है दायित्व बीते दिनों हल्द्वानी में हुई कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जल्द दायित्वों के बंटवारे को लेकर संकेत दिए। जिसकी शुरूआत कैलाश गहतोड़ी को दायित्व देने के साथ ही मानी जा रही है। अब संगठन में काम कर रहे एक दर्जन से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सरकार में दायित्वधारियों की लाइन में आने की कोशिश में जुटे हैं।

- Uttarakhand BJP News पिछली सरकारों में सरकार और संगठन में सामंजस्य बनाने के लिए दायित्वधारियों की नियुक्ति की जाती रही है। जिससे संगठन में काम करने वाले पदाधिकारियों का मनौबल बढ़ा रहे। इस लिहाज से विभिन्न बोर्ड, निगम और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्षों की नियुक्ति की जाती है। जो कि सरकार के रहते काम करते हैं। ये दायित्व भी सरकार में अहम भूमिका निभाते हैं।

- Uttarakhand BJP News पिछली सरकार में 85 से ज्यादा दायित्व बंटे थे। लेकिन दायित्व देरी में बंटने से कार्यकर्ता तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर खुलकर नाराजगी देखने को मिली। जिस के बाद त्रिवेंद्र को लेकर संगठन के अंदर विरोध भी देखने को मिला था। त्रिवेंद्र के हटने के बाद तीरथ सिंह रावत भी दायित्वधारियों को लेकर फैसला नहीं कर पाए। जिससे भाजपा सरकार को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध देखने को मिले। इस बार ऐसे नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं जो कि चुनाव हार गए लेकिन सीएम के काफी करीबी हैं इनमें स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता और राजेश शुक्ला का नाम भी लिया जा रहा है। जो कि सीएम के काफी करीबी माने जाते हैं। धामी सरकार अपने 100 दिन पुरे होने पर ये बड़ा एलान कर सकती है।
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