Uttarakhand CM News देर रात मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिया टारगेट और वार्निंग !

 

Uttarakhand CM News मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात्रि तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ लगभग चार घंटे लंबी मैराथन उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रदेश में विकास कार्यों की प्रगति, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों, जिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों तथा दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षकों सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी तरीके से पूरे किए जाएं। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुणवत्ता से समझौता हुआ तो होगी कार्रवाईUttarakhand CM News


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर नियमित रूप से फील्ड में जाने, जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने में लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जनपदों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर लंबित मरम्मत कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं भी बहुत जल्द पूरे प्रदेश का दौरा सड़क मार्ग से करूंगा। यदि कहीं भी सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

एक नवंबर तक पूरे हों सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य

मुख्यमंत्री ने सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों को *एक नवंबर तक पूर्ण कर खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए*, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बैठक कर कार्यों की नियमित समीक्षा करें। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण जनसामान्य को असुविधा न हो।

नगर निकायों में स्वच्छता व्यवस्था हो प्रभावी, कहीं भी जमा न हो कूड़ा-कचरा

मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों और कस्बों में नियमित सफाई होनी चाहिए तथा कहीं भी कूड़ा-कचरा एकत्रित नहीं होने दिया जाए। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित प्रशासनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। संबंधित अधिकारी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें और जहां भी कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए तथा उसकी शिकायत पर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उसके बाद शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने अथवा न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने, जनशिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने तथा अपराध नियंत्रण के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो

मुख्यमंत्री ने आगामी नवरात्र और दीपावली के दृष्टिगत प्रदेशभर में सुरक्षा एवं यातायात की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों और आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो।मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। त्योहारों के दौरान यातायात सुचारु रहे और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।

ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में लाई जाए तेजी

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि एवं सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों तथा हरिद्वार कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए।उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सत्यापन अभियान प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए तथा थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए।

मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए पहले से तैयार हो ट्रैफिक प्लान

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन एवं यात्रा सीजन को देखते हुए मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पार्किंग स्थलों, वैकल्पिक मार्गों और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने यातायात संबंधी सूचनाएं समय पर जारी करने तथा प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में करेंगे जनपदों का भ्रमण

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जनपदों के प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जनपद का भ्रमण करें। भ्रमण के दौरान जनपदवार और विकासखंडवार समीक्षा करते हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था तथा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति का आकलन किया जाए।उन्होंने कहा कि समीक्षा केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां भी कोई समस्या, बाधा या अनावश्यक विलंब सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।